Dehradun: नवंबर व दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कॉन्क्लेव, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई फैसले
प्रदेश में इसी साल नवंबर व दिसंबर माह में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। पर्यटन विकास परिषद की बोर्ड बैठक में 514 करोड़ का बजट पारित किया गया। बैठक में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई निर्णय लिए गए।
प्रदेश में साहसिक पर्यटन, तीर्थाटन व रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई पर्यटन विकास परिषद की बोर्ड बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में ट्रैकिंग रूटों पर पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित ट्रैकिंग ट्रक्शन होमस्टे योजना में अनुदान राशि बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
मंगलवार को पर्यटन मुख्यालय स्थित आईएचएम सभागार में हुई बोर्ड बैठक में 20 प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित किए गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 514 करोड़ बजट का अनुमोदन किया। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पूरे साल होने वाले कार्यक्रम के कलेंडर, प्रशिक्षण कार्यक्रम, त्रियुगीनारायण, कार्तिक स्वामी व कैंची धाम को आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मिलेगी पहचान
बैठक में ट्रैकिंग ट्रक्शन होमस्टे योजना के तहत छह नए कमरों के निर्माण के लिए प्रति कमरा एक लाख रुपये या अधिकतम पांच लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वर्तमान में 60 हजार रुपये या 3.60 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा पुराने घर को होमस्टे के रूप में संचालित करने के लिए कमरों के मरम्मत कार्य के लिए वर्तमान में प्रति कमरा 25 हजार की अनुरान राशि दी जाती है, इसके बढ़ावा 50 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: निशानेबाज जसपाल राणा के परिवार से दुखद खबर आई सामने, मां का निधन, बेटे के जाने का गम नहीं सह पाईं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए नंवबर माह में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा कौसानी में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से राष्ट्रीय कार्यक्रम व देहरादून या रामनगर में ग्लोबल फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। उन्होंने आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के समग्र व नियोजित विकास के लिए विशेषज्ञ परामर्शदाताओं के माध्यम से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।