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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: पीएमएमवीवाई...14841 महिलाओं ने कराया पंजीकरण, किसी को नहीं मिला दूसरे चरण का लाभ
Wed, 11 Oct 2023 03:26 PM IST
अलका त्यागी
वान्या दीक्षित, अमर उजाला, देहरादून
वान्या दीक्षित, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 11 Oct 2023 03:26 PM IST
सार
योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे में गर्भावस्था की शुरुआत से बच्चे के पहले टीकाकरण तक 5000 रुपये का लाभ अलग-अलग किस्तों में दिया जाता है। यह प्रक्रिया सिर्फ पहले बच्चे में होती थी, लेकिन सरकार ने योजना में बदलाव कर बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए एक अप्रैल से योजना का दूसरा चरण शुरू किया है।
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नहीं मिला योजना का लाभ
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विस्तार
बेटियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं ला रही है, लेकिन इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमवीवाई) भी इनमें से एक है। इसके तहत 14841 महिलाएं पंजीकरण करवा चुकी हैं, लेकिन किसी को अभी तक लाभ नहीं मिल पाया है।
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योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे में गर्भावस्था की शुरुआत से बच्चे के पहले टीकाकरण तक 5000 रुपये का लाभ अलग-अलग किस्तों में दिया जाता है। यह प्रक्रिया सिर्फ पहले बच्चे में होती थी, लेकिन सरकार ने योजना में बदलाव कर बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए एक अप्रैल से योजना का दूसरा चरण शुरू किया है। दूसरे बच्चे के रूप यदि बेटी का जन्म होता है तो एक बार फिर इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें 6000 रुपये अलग-अलग किस्त में न देकर एक साथ दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन डेढ़ साल बाद भी ला भ नहीं मिल पाया।
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प्रथम प्रसव के तहत भी सिर्फ 933 महिलाओं को मिला लाभ
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून जिले में प्रथम प्रसव पंजीकरण पर 3586 और दूसरी बेटी के जन्म पर 2877 महिलाओं का नवीन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं, पूरे उत्तराखंड में प्रथम प्रसव पर 27381 पंजीकरण और दूसरी बेटी के जन्म पर 14841 महिलाओं के पंजीकरण हुए हैं। इसमें प्रथम प्रसव के तहत एक साल में सिर्फ 933 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। रायपुर की सीडीपीओ मंजेश्वरी ने बताया कि पोर्टल अपडेट हो रहा है, इस वजह से लंबे समय से प्रथम प्रसव का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। दूसरे चरण में अब तक लाभ मिलना शुरू नहीं हो पाया है।
महिलाओं के खाते में आता है पैसा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी ने बताया योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं गर्भवती महिलाओं के पास जाकर फॉर्म भरवाती हैं। इसका पैसा महिलाओं के बैंक खाते में आता है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित योजना बेटियों के प्रति सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने का प्रयास है।
यह है पात्रता
- ऐसी महिलाएं जिनकी पारिवारिक आय आठ लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है।
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं।
- महिला किसान, जो किसान सम्मान निधि के तहत लाभार्थी हैं।
- ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं।
- आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी महिला भी इसके लिए पात्र है।
पोर्टल अपडेट हो रहा है इसलिए दूसरे चरण का लाभ मिलने में दिक्कत आ रही है। बजट जारी हो चुका है। अगर किसी का जन्म एक अप्रैल 2022 के बाद हुआ है तो उसका 31 अक्तूबर तक भी पंजीरण किया जा सकता है।
- आरती बलोदी, राज्य नोडल अधिकारी, पीएमएमवीवाई