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चलते-फिरते टॉयलेट को देख सबने कहा, वाह...
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 08 Nov 2014 02:05 PM IST
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रमसा और एससीईआरटी की ओर से एमकेपी इंटर कॉलेज में आयोजित विज्ञान महोत्सव में बाल वैज्ञानिकों ने कई शानदार मॉडल प्रस्तुत किए। महोत्सव में चलते-फिरते टायलेट और ऊर्जा संरक्षण पर मॉडल को खूब सराहा गया।
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गंदगी फैलने से रोकी जा सकती है
विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल ने किया। महोत्सव में जीआईसी दूधली के नवीं कक्षा के छात्र साहिल खान और आकाश कुमार ने लोहे एवं थर्माकोल के इस्तेमाल से चलता-फिरता टायलेट का मॉडल पेश किया। बताया कि बाजार और मेलों में आने वाले लोगों को टायलेट की दिक्कत होती है। ऐसे में चलता-फिरता टायलेट रखकर गंदगी फैलने से रोकी जा सकती है।
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स्कूल के अनुज पंवार और राकेश कुमार ने विज्ञान एवं गणित की युगानकारी घटनाओं पर मॉडल प्रस्तुत किया। फूल चंद नारी शिल्प मंदिर की बालिकाओं ने धुएं से बिजली बनाने, जीआईसी पौंधा और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा संतूर के बच्चों ने कूड़ा निस्तारण पर मॉडल बनाया।
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उन्होंने दर्शाया कि हरमिशिया कीट किस तरह से कूड़े का अपघटन कर इसे जैविक खाद के बदलता है। ये कीट कूड़े से आने वाली बदबू को भी खत्म करता है। महोत्सव में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली, जिला शिक्षा अधिकारी सीएन काला, जिला विज्ञान समन्वयक सोहन सिंह रावत, डा. बीपी पुष्पकार आदि शामिल थे।