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उत्तराखंड: औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी 27-28 को होने वाली इंडस्ट्रियल समिट, बढ़ेगा निवेश

Wed, 25 Sep 2019 10:01 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 25 Sep 2019 10:01 AM IST
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Industrial summit will be held in haridwar on 27th and 28th September for investment
- फोटो : फाइल फोटो

प्रदेश में निवेश को गति देने के लिए 27 और 28 सितंबर को हरिद्वार में औद्योगिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के बाद निवेशकों के उत्तराखंड में बढ़े निवेशक रुझान को शिखर सम्मेलन में गति मिलेगी। वहीं प्रदेश के करीब 47000 युवाओं को नौकरी के अवसर भी मिलेंगे। 

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एक वर्ष बाद सरकार एक बार फिर उद्यमियों को मंच प्रदान कर रही है, जिससे वे अपनी समस्याओं एवं सुझाव सरकार के समक्ष लाएं। पेश आ रही दिक्कतों का मौके पर समाधान देने के साथ जरूरत पड़ने पर नीतिगत बदलाव का प्रारूप भी तय होगा। सम्मेलन में आटोमोबाइल, एफएमजीसी, इलेक्ट्रिकल सहित कई सेक्टरों की प्रदर्शनी भी लगेगी। 
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मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत में इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू करने वाले उद्यमियाें के साथ परिचर्चा कर उनकी परियोजना के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और अनुभव साझा किए जाएंगे। 27 सितंबर को फ्यूचर मैन्युफैक्चरिंग विषय के अंतर्गत प्रथम सत्र, दूसरे सत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग व तीसरे सत्र में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर गोष्ठी आयोजित की जाएगी।

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इस दौरान प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें महाराष्ट्र, दिल्ली, एनसीआर, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा व चंडीगढ़ के 45 से अधिक एक्जीबीटर्स भाग लेंगे। दूसरे दिन 28 सितंबर को सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के संबंध में परिचर्चा की जाएगी। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, व सीआईआई के पदाधिकारी मौजूद रहे। 


मानक जो तय करते हैं निश्चित निवेश
प्रमुख सचिव उद्योग मनीष पंवार ने बताया कि निवेश के  धरातल पर उतरने के पांच मानक सरकार ने तय किए हैं। इनमें एक से अधिक पूरा होने वाला निवेश माना जाता है कि धरातल पर उतरेगा। पहला, परियोजना के लिए भूमि क्रय, भूखंड आवंटन या लीज पर ले ली गई हो। दूसरा, विभिन्न विभागों से उद्यम की स्थापना के लिए वांछित एनओसी। तीसरा, निवेश के लिए अभिरुचि की अभिव्यक्ति (आरएफपी) में सफल निविदादाता को आवंटन पत्र जारी होना। चौथा, निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया हो और पांचवां, परियोजना के लिए संयंत्र और मशीनरी खरीद का आदेश दे दिए गए हो। 


यह प्रोजेक्ट उतरे धरातल पर 
धरातल पर उतरे प्रोजेक्टों में 13705 करोड़ की 105 विस्तार परियोजनाएं है, इनमें 31786 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 998 करोड़ की 253 एमएसएमई परियोजनाएं है, जिनमें 10462 को संभावित रोजगार मिलेगा। निवेश के लिए अभिरुचि के रूप में 895 करोड़ की तीन परियोजनाएं है, जिनमें संभावित 375 लोगों को रोजगार मिलेगा। सिंगल विंडो के माध्यम से प्राप्त सीएएफ  वाली 1807 करोड़ की 30 बृहत परियोजनाएं हैं, जिनमें 3639 रोजगार संभावित हैं। इस प्रकार कुल 17405 करोड़ की 391 परियोजनाओं की धरातल पर उतर चुकी हैं।

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