10 अप्रैल की रात सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेते वीरों की भूमि उत्तराखंड का एक और बेटा भारत माता की रक्षा में कुर्बान हो गया।
फेफड़े को चीरती हुई दिल के पास लगी थी दो गोलियां
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deepak nainwal
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10 अप्रैल की रात में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से जख्मी नायक वीर जवान दीपक नैनवाल निवासी हर्रावाला सिद्ध पुरम देहरादून को पुणे के पैराप्लेजिक रिहेब सेंटर में भर्ती किया गया था।
पिता बोले, बेटे की शहादत पर गर्व
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सदमे में परिजन
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मूलरूप से चमोली जिले के दीपक नैनवाल का परिवार देहरादून में रहता है। दीपक नैनवाल राष्ट्रीय राइफल में तैनान थे। 10 अप्रैल 2018 की देर रात सेना को जानकारी मिली कि कुलगाम के वनपोह इलाके में आतंकवादी छिपे हैं।
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आतंकियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त फायरिंग हुई। इसी दौरान दीपक नैनवाल को भी सीने में दो गोलियां लगी थी। जो उनके फेफड़ों को चीरती हुई दिल पर जा लगी। सेना की इस टुकड़ी ने दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था।
जख्मी हालत में दीपक नैनवाल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। जब दिल्ली के आर आर हॉस्पिटल में जब इलाज संभव नहीं हो पाया तो उन्हें पुणे भेजा गया। दीपके इलाज को 40 दिन हो चुके थे, लेकिन लम्बे इलाज के बाद आखिर उन्होंने दम तोड़ दिया। रविवार को सुबह करीब छह बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।