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Air Force Day 2020: वायु सेना पर गर्व करते हैं पूर्व अफसर, हर संकट का सामना करने में है सक्षम

Thu, 08 Oct 2020 12:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 08 Oct 2020 12:48 PM IST
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Indian Air Force Day 2020 News: Former officers take pride on Air Force
भारतीय वायु सेना दिवस 2020: सारंग हेलिकॉप्टर - फोटो : प्रद्युम्न

भारतीय वायुसेना की स्थापना आठ अक्तूबर 1932 को हुई थी। वायुसेना इस दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाती है। सेवानिवृत्त अफसर वायु सेना पर गर्व करते हैं। उनका कहना है कि भारतीय सेना हर संकट का सामना करने में सक्षम है। 

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1971 की जंग में भाग ले चुके हैं बिपिन चंद्र उप्रेती

वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त बिपिन चंद्र उप्रेती का कहना है कि 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने 89 घायल सैनिकों को श्रीनगर से बंगलुरू अस्पताल पहुंचाया था। युद्ध के समय उनकी जिम्मेदारी मेडिकल ऑपरेशन की थी।
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उनका मानना है कि अब भारतीय वायुसेना सबसे काबिल सेना हो गई है। पड़ोसी देशों के अलावा किसी शक्तिशाली देश से भारतीय सेना टक्कर लेने में सक्षम है। एयरफोर्स स्थापना दिवस उनके लिए गर्व का समय है। वह 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद वह वायुसेना में भर्ती हुए थे। 

बेटा भी देश के लिए हो गया न्योछावर

स्क्वाड्रन डीलर बिपिन चंद्र उप्रेती के बड़े बेटे अजय उप्रेती सेना में मेजर थे, लेकिन 17 नवंबर 2008 को वह जम्मू कश्मीर की सीमा पर आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। 

ग्रुप कैप्टन सुरेंद्र रावत ने अमेरिका से लिया था प्रशिक्षण

वायुसेना से रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन सुरेंद्र रावत का कहना है कि वह 1989 में वायुसेना में भर्ती हुए थे। उस समय वायुसेना का आधुनिकीकरण किया जा रहा था। उनकी पहली तैनाती लद्दाख में हुई थी। लद्दाख में सबसे बड़ा दुश्मन मौसम है।

वहां 40 फीसदी कम आक्सीजन के बीच रहना पड़ता है। अपने सेवाकाल में उन्होंने भूटान बार्डर से लेकर पंजाब, उत्तर पूर्व गुवाहाटी में नौकरी की। भूस्खलन और बाढ़ के समय आम जनता के जीवन को बचाया।

2012 में वह अमेरिका में प्रशिक्षण लेने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेवा वर्तमान समय में अमेरिका और रूस के बाद विश्व की तीसरी अनुशासित सेना बन गई है। यदि वायुसेना को आवश्यकता होगी तो वह सेवा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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