अब केविला के पार देखी गई चीनी सैनिकों की गतिविधियां, लिपुलेख से मिलम तक भारतीय सुरक्षा बल अलर्ट
- केविला से मात्र 12 किलोमीटर दूर है चीन की सीमा
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ड्रेगन भारतीय सीमा के पास लगातार अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है। लद्दाख से लेकर लिपुलेख सीमा तक सैनिकों की तैनाती करने के बाद अब केविला के पार चीनी सैनिकों के जमावड़े की बात सामने आ रही है। सीमा पार हो रही गतिविधियों को देखते हुए लिपुलेख से मिलम तक भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क हैं।
पिछले दिनों लद्दाख में बार-बार घुसपैठ की कोशिशों के बीच चीन ने पिथौरागढ़ के लिपुलेख सीमा के पार अपने क्षेत्र में एक हजार सैनिकों की तैनाती कर दी थी। वहीं कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में चीन मिसाइल बेस बनाने की तैयारी भी कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र केविला के समीप अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। केविला मिलम से आगे पड़ता है। मुनस्यारी के मिलम के बाद दुंग स्थित है। इसके बाद किंगरी पिंगरी, टोपीढुंगा, सुमानी और लपथल नामक स्थान है। लपथल के बाद केविला आता है। केविला से चीन सीमा की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। बताया जा रहा है कि केविला के नजदीक चीन ने अपनी सीमा पर सैनिकों की गतिविधियां बढ़ाई हैं।
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केविला के पार चीन अभी सड़क नहीं बना पाया है। सूत्रों के अनुसार वहां पर चीनी सैनिक याक पर बैठकर गश्त कर रहे हैं। इस सीमा के निकट चीन की गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और अधिक चौकन्नी हो गई हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लिपुलेख से लेकर मिलम तक कड़ी नजर रखे हुए हैं।
चीन सीमा से लगे गांवों में विकास पर खर्च होंगे सवा छह करोड़
चमोली जिले में चीन सीमा से लगे गांवों में सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत 6 करोड़ 15 लाख 80 हजार रुपये की योजनाओं को केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि बीएडीपी के तहत सीमा क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।
मलारी गांव के बुरांस स्थान पर पुल निर्माण, जुम्मा गांव के लिए संपर्क मार्ग, फरकिया में मार्ग सुधारीकरण कार्य, बदरीनाथ धाम में वाहन पार्किंग, माणा-बसुधारा पैदल मार्ग का सौंदर्यीकरण, द्रोणागिरी गांव में हेलीपैड निर्माण, माणा-बसुधारा-सतोपंथ ट्रैक की मरम्मत आदि कार्य किए जाएंगे। द्रोणागिरी गांव में संजीवनी गार्डन भी विकसित किया जाएगा।