Boycott China : उत्तराखंड के लोगों में गुस्सा, चाइनीज सामान जलाकर किया प्रदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लद्दाख की गलवां घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए। सेना ने देर रात इसकी पुष्टि की। इस संघर्ष में चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं।
यह भी पढ़ें: एलएसी पर 20 भारतीय जवान शहीद, सरकार और सेना की चुप्पी, 18 घंटे बाद देश को पता लगी पूरी हकीकत
चीन के सामान का बहिष्कार करने की अपील
ऋषिकेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चीन की नापाक हरकत पर आक्रोश जाहिर किया। कहा कि अब चीन को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने लोगों से चीन के सामान का बहिष्कार करने की अपील भी की।
चीन का सामान जलाकर प्रदर्शन
सीमा पर चीन की इस नापाक हरकत से भारतवासियों में गुस्सा है। गुस्साएं लोग सोशल मीडिया पर चीन के सामान का बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं। भाजयुमो ने चीन का सामान जलाकर बहिष्कार किया और प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
भाजयुमो नेता श्याम पंत ने कहा कि चीन ने हमारे सैनिकों को शहीद किया है। यह घटना निंदनीय है। ऐसे में लोगों से अपील है कि वह चीन के सामान का बहिष्कार करें। आज से चीन का बना कोई भी सामान न खरीदें। इस दौरान जितेंद्र रावत मौनी, राजेश रावत, दीपक अग्रवाल, सौरभ कपूर, सागर सोनकर, रिंकू शंकर आदि मौजूद रहे।
चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका
वहीं तेजस ग्रुप द्वारा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंका गया। जिसमें विनय रावत, संजय वर्मा, हरीश नेगी, सत्येंद्र रावत, पारस पंत, हरीश भट्ट, दीपक रावत, अरविंद, अजय, सूरज, भागीरथी, पुरोहित, जीत, दिनेश पाटनी आदि लोग उपस्थित रहे।
चीन का झंडा जलाकर कर गुस्सा जाहिर किया
आज मंगलवार को देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में कार्यकर्ता एकत्र हुए और चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं चीन का झंडा जलाकर कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
भारतीय जनता पार्टी कैन्ट विधानसभा जीएमएस मण्डल युवा मोर्चा ने विधायक हरबंस कपूर के नेतृत्व में बल्लीवाला चौक पर चीन का पुतला दहन किया गया, शहीद जवानों को नमन किया और युवा मोर्चा द्वारा चीनी सामान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने की अपील की गई। मण्डल अध्यक्ष बबलू बंसल, महामंत्री सुमित पाण्डेय, महामंत्री शेखर नौटियाल, सुमन सिंह, विकास बेनीवाल, अजय सिंह, संजीव उपाध्याय, भगत भण्डारी, चन्द्रसागर उनियाल, विजय भण्डारी, आशीष शर्मा मौजूद रहे।
चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग
मसूरी में कांग्रेस के द्वारा चीन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। वहीं लोगों से चीन के सामान का बहिष्कार करने का आग्रह किया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने भारत सरकार से चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीन लगातार भारत को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में चीन को जवाब देने का समय आ गया है।
उन्होंने भारत सरकार पर चीन के द्वारा भारत की जमीन पर लगातार घुसपैठ करने की बात को छुपाने का भी आरोप लगाया। कहा कि जब चीन द्वारा भारत की सीमा पर घुसपैठ किया गया, तभी मुठभेड़ हुई। जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो गए जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहीद हुए देश के 20 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की
ऋषिकेश नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने भारत चीन सेना के बीच हुए खूनी संघर्ष में शहीद हुए देश के 20 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार को नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाला अंबेडकर चौक मूर्ति अनावरण कार्यक्रम देश के 20 वीर सपूतों की शहादत के बाद स्थगित कर दिया गया।
भारत मां की जय के उद्घोष के बीच महापौर ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले मां भारती के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि चीन ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि धोखेबाजी उसके खून में शामिल है। भारत सरकार चीन की हिमाकत पर माकूल जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की शहादत से पूरा देश उबल रहा है। देश की सीमा पर तनाव है। भारत सरकार की ओर से भारतीय सेना को ग्राउंड लेवल पर हालात को देखते हुए फैसले के लेने के लिए स्वतंत्र कर दिया गया है जोकि दर्शाता है कि वर्तमान भारत 1962 का भारत नहीं है। भारतीय सेना दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने शहर वासियों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील भी की।
पूरा भारत सेना के पीछे खड़ा है
चीन द्वारा सीमा पर किए गए दुस्साहस पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि चीन ने एक बार फिर भारत की पीठ पर छूरा घोंपा है। लद्दाख गलवां घाटी में हमारे बीस बहादुर शहीद हुए हैं। हम उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
हम भारतीय सेना के साथ हैं। पूरा भारत सेना के पीछे खड़ा है। हमारे दुश्मनों को ये बात समझनी चाहिए कि वो भारत जिसने 1971 में दुनिया के नक्शे पर वीरता की नई मिसाल कायम की थी, वो भारत जिसने 1965 की लड़ाई में पाकिस्तान को खदेड़ा था। वो भारत जिसने कारगिल की लड़ाई में पाकिस्तान को खदेड़ा। वह अपनी एक-एक इंच जमीन चीन से वापस लेगा।