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भारत-चीन विवाद: उत्तराखंड से लगी चीन सीमा पर भी हिमवीर मुस्तैद, सेना और आईटीबीपी अलर्ट
Wed, 02 Sep 2020 12:01 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 02 Sep 2020 12:01 AM IST
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चीन सीमा पर गश्त करते जवान
- फोटो : फाइल फोटो
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लद्दाख क्षेत्र में चीन की घुसपैठ के बीच उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद से लगी भारत-चीन सीमा पर भी सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। इस हिस्से में कभी चीन की ओर से घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। इसके बावजूद यहां पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
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उत्तरकाशी जनपद में जिला मुख्यालय से करीब डेढ़ सौ किमी आगे चीन की 117 किमी सीमा लगी हुई है। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार ने सीमावर्ती नेलांग और जाढ़ूंग गांव को खाली करवा कर यह क्षेत्र सेना के सुपुर्द कर दिया था।
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वर्तमान में सीमा पर नेलांग, जाढ़ूंग, नागा, त्रिपाणी, मंडी, सुमला, पीडीए, थागला-1, थागला-2, मुनिंगलापास, टीसांचुकला आदि सीमावर्ती चौकियों पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैद हैं। सीमाओं की निगरानी के लिए भारत की ओर से बॉर्डर इलाके में सड़कों का जाल बिछाया गया है।
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बीते मई माह में लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ तनातनी के बाद से इस ओर भी सीमा पर तैनात जवानों को अलर्ट किया गया है। मई में मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ने सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर यहां अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए थे।
हिमवीर वर्षभर चौकसी करते हैं यहां
उत्तरकाशी की ओर से सीमावर्ती क्षेत्र की विषम भौगोलिग परिस्थितियों के चलते कभी चीन की ओर से घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। इस बॉर्डर को देश की अन्य सीमाओं की बनिस्बत सुरक्षित माना जाता है। इसके बावजूद यहां आईटीबीपी के हिमवीर वर्षभर चौकसी करते हैं।
एलएसी पर अन्य हिस्सों में तनाव बढ़ने पर यहां भी निगरानी बढ़ा दी जाती है। वर्तमान में भी यहां भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। सीमावर्ती हिस्सों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
चीन सीमा क्षेत्र में सेना की सतर्कता बढ़ी
भारत के साथ चीन की तनातनी के बीच चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र में भी सेना की सतर्कता बढ़ गई है। हर रोज सीमा क्षेत्र की ओर सेना की आवाजाही बनी हुई है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में सेना के वाहन सीमा क्षेत्र की ओर गए। चमोली जिले में नीती और माणा घाटी चीन सीमा को जोड़ती हैं। यहां सेना ने अपनी गतिविधि बढ़ा दी है। पिछले दो माह से सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही भी बढ़ी है।
एलएसी पर अन्य हिस्सों में तनाव बढ़ने पर यहां भी निगरानी बढ़ा दी जाती है। वर्तमान में भी यहां भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। सीमावर्ती हिस्सों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
चीन सीमा क्षेत्र में सेना की सतर्कता बढ़ी
भारत के साथ चीन की तनातनी के बीच चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र में भी सेना की सतर्कता बढ़ गई है। हर रोज सीमा क्षेत्र की ओर सेना की आवाजाही बनी हुई है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में सेना के वाहन सीमा क्षेत्र की ओर गए। चमोली जिले में नीती और माणा घाटी चीन सीमा को जोड़ती हैं। यहां सेना ने अपनी गतिविधि बढ़ा दी है। पिछले दो माह से सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही भी बढ़ी है।