आयकर विभाग ने कई सरकारी विभागों की टीडीएस एंट्री में पड़की गड़बड़ी, 17 संस्थानों के खाते सीज
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आयकर विभाग ने प्रदेश के कई सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर टीडीएस एंट्री में गड़बड़ी पकड़ी है। आयकर विभाग ने पांच माह के भीतर ऐसे 17 संस्थानों के खाते सीज करते हुए उनसे जवाब मांगा है। इन संस्थानों से मिली एंट्री में लाखों रुपये के हिसाब में गड़बड़ी है।
आयकर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर अमनदीप कौर ने बताया कि प्रदेशभर के सभी विभागों में टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) की जांच पड़ताल की जा रही है। इसके तहत कई जगहों पर सर्वे भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर से अब तक 17 संस्थानों की टीडीएस एंट्री आयकर विभाग के हिसाब से मेल नहीं खा रही है।
इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। इन सभी विभागों और संस्थानों के खाते सीज कर दिए गए हैं। जो भी देनदारी निकल रही है, उसे जमा कराने या प्रविष्टियों की त्रुटि दूर करने के बाद ही उनके खाते खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों की एंट्री सही नहीं हुई है या देनदारी ज्यादा बन रही है, वह भी सुधार की गुंजाइश दी गई है।
इन संस्थानों के खाते हुए सीज
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी, दून अस्पताल, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन निदेशालय, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, यूपीआरएनएन लिमिटेड यूएस नगर, पतंजलि आयुर्वेदिक लिमिटेड, खंड शिक्षा अधिकारी कालसी, ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर हवालबाग, प्रोविंशियल ऑफिस पीडब्ल्यूडी, किसान सहकारी कारपोरेशन चीनी मिल लिमिटेड ऊधमसिंह नगर, किसान सहकारी चीनी मिल, पीडब्ल्यूडी कचहरी रोड, ऋषभ एजुकेशनल ट्रस्ट, सिंचाई विभाग देहरादून, पीडब्ल्यूडी चंपावत, लघु सिंचाई विभाग कैनाल रोड, ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर नैनीडांडा धुमाकोट व सिंचाई विभाग कालसी।
काशीपुर सिंचाई विभाग में पौने करोड़ से अधिक की गड़बड़ी
काशीपुर सिंचाई विभाग के दफ्तर में आयकर विभाग ने सोमवार को सर्वे किया था। सर्वे के बाद यहां दस साल के भीतर पौने दो करोड़ रुपये से ऊपर की गड़बड़ी सामने आई। जब विभाग से पूछा गया तो उन्होंने एंट्री की गलतियां सुधार करने के नाम पर देनदारी को घटाकर तीन लाख रुपये कर दिया। जांच पड़ताल के बाद आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
सरकारी विभागों में टीडीएस को लेकर गंभीर लापरवाही
सरकारी विभागों में होने वाले कार्यों या वेतन, जहां भी टीडीएस कटता है, वहां बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जा रही है। आयकर सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही कई और सरकारी विभाग बेनकाब किए जाएंगे।