आय से अधिक संपत्ति रखने के दोषी आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन को 7 साल के कठोर कारावास की सजा
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भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर आयुक्त (ऑडिट) श्वेताभ सुमन को सीबीआई की विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने बुधवार को सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने उन पर कुल 3.50 करोड़ रुपये का जुर्माना और उनकी सभी संपत्तियों को भारत सरकार से संबद्ध करने के आदेश दिए हैं। इस मामले के अन्य सहअभियुक्तों को भी दोषी मानते हुए अदालत ने आयुक्त की मां को एक साल की कैद, जीजा डॉ. अरुण सिंह और मित्र राजेंद्र विक्रम सिंह को चार-चार साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। श्वेताभ, अरुण और राजेंद्र को अदालत के बाहर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
बुधवार को सीबीआई के अधिवक्ता सतीश गर्ग ने बताया कि श्वेताभ के खिलाफ पांच अगस्त, 2005 को गुमनाम शिकायत पर दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया था। श्वेताभ उस वक्त देहरादून में अपर आयुक्त थे। आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए कई बेनामी संपत्तियां अर्जित की हैं। श्वेताभ इन दिनों गुवाहाटी के आयकर आयुक्त (ऑडिट) के पद पर तैनात हैं।
किसको कितनी सजा
श्वेताभ सुमन: 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में सात साल कठोर कारावास, 3,50,70,414 रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर 18 माह की अतिरिक्त कैद।
-11 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में पांच साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना।
गुलाब देवी : अपराध के लिए उकसाना और आय से अधिक संपत्ति में एक साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना।
डॉ अरुण सिंह और राजेंद्र विक्रम सिंह: अपराध के लिए उकसाना, आय से अधिक संपत्ति रखने में चार-चार साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना।
अदालत के निर्णय पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करनी है। जल्द ही इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाऊंगा।
-श्वेताभ सुमन, आयकर आयुक्त