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वाइब्रेंट विलेज योजना में पर्यटन के साथ कृषि, बागवानी और पशुपालन को शामिल करें : गर्ब्याल

Sun, 18 Jan 2026 07:43 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 07:43 PM IST
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Include agriculture, horticulture and animal husbandry along with tourism in the Vibrant Village Scheme: Garbyal
-ग्राम्य विकास सचिव ने सभी जिलों को दिए एक सप्ताह में संशोधित कार्ययोजना भेजने के निर्देश
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-हाउस आफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पादों के निर्यात में जिलों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम व वाइब्रेंट विलेज योजना में पर्यटन के अलावा कृषि, बागवानी और पशुपालन से संबंधित कार्यों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों को एक सप्ताह के भीतर संशोधित कार्य योजना बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
सचिव ने मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम और वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाें की ओर से स्वीकृति के लिए भेजी गई कार्य योजनाओं का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। सचिव ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष तक स्वीकृत योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार व स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण की आवश्यकता के आकलन के लिए स्किल गैप एनालिसिस कराया जाए, जिससे युवाओं व स्वयं सहायता समूह की आकांक्षा का आकलन कर व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सके। पर्यटन एवं आतिथ्य, रिटेल सर्विसेज, सूचना प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, कृषि एवं बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रीन जॉब्स सेक्टर व गैर कृषि सेक्टर पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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सचिव ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। कृषिकरण को राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम व राष्ट्रीय जैविक कार्यक्रम के स्तर पर जाने की जरूरत है। इसके बिना कृषि उत्पादों का निर्यात संभव नहीं है। प्रत्येक जिले को अपने विकासखंड व क्लस्टर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम के प्रमाणन मानकों के अनुसार कृषिकरण शुरू करना चाहिए। हाउस आफ हिमालयाज ब्रांड के तहत स्थानीय उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए जिलों की सहभागिता बेहद जरूरी है। बैठक में अपर सचिव अनुराधा पाल, संयुक्त विकास आयुक्त संजय सिंह, परियोजना प्रबंधन अधिकारी डॉ. प्रभाकर बेबनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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