फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Swachhta Ranking 8.5 lakh tonnes of garbage will not be removed even in 2025

Dehradun News: इस तरह तो 2025 में भी नहीं हट पाएगा 8.5 लाख टन कूड़ा का पहाड़, स्वच्छता रैंकिंग में बड़ी बाधा

Wed, 17 Jul 2024 02:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 17 Jul 2024 02:27 PM IST
सार

सहस्त्रधारा में 4.18 लाख और शीशमबाड़ा में 4.5 लाख टन कूड़ा स्वच्छता रैंकिंग में बड़ी बाधा है।

विज्ञापन
Dehradun Swachhta Ranking 8.5 lakh tonnes of garbage will not be removed even in 2025
कूड़े के ढेर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दून नगर निगम के सिर पर करीब साढ़े आठ लाख टन कूड़े के पहाड़ का बोझ है। नगर निगम कूड़ा निस्तारण करने का दावा कर रहा है। सहस्त्रधारा के 4.18 लाख टन कूड़े के निस्तारण का काम शुरू भी हो चुका है। लेकिन शीशमबाड़ा में जमा करीब 4.5 लाख टन कूड़ा के निस्तारण शुरू नहीं हो सका है।

विज्ञापन


दोनों प्लांट मिलकर भी यदि रोजाना दो हजार टन कूड़े का निस्तारण करें तब भी डेढ़ साल से पहले निस्तारण संभव नहीं है। इससे साफ है कि इस बार फिर स्वच्छता रैंकिंग 2025 में यह कूड़ा फर्क डालेगा। शीशमबाड़ा कूड़ा प्लांट में रैमकी कंपनी का छोड़ा करीब 4.5 लाख टन कूड़े का पहाड़ जमा है। इससे पहले निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड सहस्त्रधारा रोड पर करीब 4.18 लाख टन कूड़ा जमा है।
विज्ञापन


दोनों जगहों के करीब 8.5 लाख टन कूड़े का निस्तारण नगर निगम के लिए परेशानी का सबब रहा है। अब सहस्त्रधारा के कूड़ा निस्तारण के लिए निगम करीब 20 करोड़ रुपये और शीशमबाड़ा के कूड़े के निस्तारण के लिए 24 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। सहस्त्रधारा के कूड़ा निस्तारण का काम भी शुरू हो गया है। जबकि शीशमबाड़ा स्थित कूड़े के निस्तारण का कार्य अभी पाइपलाइन में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कूड़ा निस्तारण में लग जाएंगे डेढ़ साल
निगम के अधिकारियों के अनुसार सहस्त्रधारा में 1000 टन कूड़ा निस्तारित करने का दावा किया जा रहा है। यदि रोजाना प्लांट चलेगा तब जाकर इस कूड़े का निस्तारण करीब डेढ़ साल में होगा। इसी तरह शीशमबाड़ा में भी यदि 1000 टन कूड़ा निस्तारण का प्लांट लगाया तो तब जाकर वहां भी कूड़ा निस्तारण में डेढ़ साल लग जाएंगे। यह भी तब संभव है जब दोनों प्लांट लगातार चलें। उधर बीच में मशीनों का मेंटेनेंस है और बरसात सहित अन्य कई कारण होते हैं जिसकी वजह से प्लांट बीच में बंद रहता है। इससे साफ है कि 2025 में भी इस कूड़े का निस्तारण करना संभव नजर नहीं आ रहा।


ये भी पढ़ें...Uttarakhand: नवंबर-दिसंबर में शीतकालीन सत्र से ई-विधानसभा शुरू करने की तैयारी, इस माह पूरे होंगे सिविल कार्य

कूड़े का पहाड़ हर बार दून की स्वच्छता रैंकिंग कर रहा खराब
शीशमबाड़ा और सहस्त्रधारा के कूड़े के पहाड़ न सिर्फ शहर के लोगों के लिए नासूर बने हुए है, बल्कि शहर की स्वच्छता पर भी यह धब्बा हैं। देहरादून में जब कूड़ा प्लांट नहीं था तब सहस्त्रधारा रोड पर कूड़ा डाला जाता था। शीशमबाड़ा प्लांट बनने के बाद रैमकी कंपनी ने वहां 4.5 लाख टन कूड़े का पहाड़ बना दिया। जिसका आज तक निस्तारण नहीं हो सका। हर बार स्वच्छता रैंकिंग में इसका असर देखने को मिलता है। स्वच्छता रैंकिंग जब भी होती है, हर बार यह कूड़ा यहां स्वच्छता रैंकिंग पर प्रभाव डालता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed