अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी, तीन लोग गिरफ्तार, भारी मात्रा में तंमचे और कारतूस बरामद
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पुलिस ने हरिद्वार में लक्सर के गिद्धावाली गांव में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा कर बड़ी संख्या में देसी तमंचे, देसी बंदूक और कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। फैक्ट्री के संबंध में पुलिस आसपास के लोगों से जानकारी ले रही है।
बुधवार को लक्सर कोतवाली में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने प्रेसवार्ता कर अवैध हथियार की फैक्ट्री का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रायसी से सटे खानपुर के गिद्धावाली गांव में देसी तमंचे और बंदूक बनाने की फैक्ट्री चल रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम को खुलासे के लिए लगाया गया। मंगलवार रात पुलिस ने गिद्धावाली गांव में दिनेश सैनी पुत्र हरि सिंह सैनी के घर पर दबिश दी तो यहां देशी हथियार बनाने की फैक्ट्री मिली।
पुलिस ने फैक्ट्री चला रहे दिनेश सैनी, प्रदीप उर्फ काला पुत्र बाबू निवासी रायसी और अब्दुल पुत्र दिलशाद निवासी खेड़ी खुर्द को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मौके से छह देशी तमंचे, एक बंदूक, कई अर्द्धनिर्मित तमंचे और करीब 100 कारतूस बरामद किए हैं।
पुराना हिस्ट्रीशीटर है सरगना
इसके अलावा हथियार बनाने वाले उपकरण जैसे एक ग्रेंडर मशीन, एक ड्रील मशीन मय किट, लोहे की बैरल छोटी-बड़ी, आरी के चार ब्लेड, बैरल साफ करने का ब्रश समेत अन्य सामान भी मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि हथियारों की फैक्ट्री चलाने वाला दिनेश सैनी मुख्य सरगना है, जो खानपुर थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर रहा है।
इतना ही नहीं उसके खिलाफ खानपुर, मंगलौर, लक्सर और पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) में दस से भी अधिक केस दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस दौरान एसपी देहात नवनीत सिंह, सीओ राजन सिंह मौजूद रहे।
टीम को ढाई हजार ईनाम की घोषणा
एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ बड़ी सफलता हासिल करने पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। साथ ही ढाई हजार रुपये ईनाम देने की भी घोषणा की। इस दौरान एसएसपी ने पुलिस को खादर क्षेत्र में गश्त कर संदिग्धों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए।
लंबे समय से चल रही थी फैक्ट्री
फैक्ट्री में बड़ी संख्या में बंदूक, तमंचे और अर्द्धनिर्मित हथियार होने के चलते आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी। तीनों आरोपी गुपचुप तरीके से फैक्ट्री चला रहे थे, लेकिन इस बीच पुलिस को किसी ने ऐसी पुख्ता सूचना दी कि आरोपी पकड़ में आ गए।