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आईआईटी रुड़कीः ऐसा काम करें कि देश खुशहाल बने
अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 22 Sep 2013 01:01 PM IST
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ग्रे बर्ड वेंचर, कनकर्ड, एमए (यूएसए) के संस्थापक थॉमस जे. मिलर जूनियर ने कहा कि विकास के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। छात्रों की असली सफलता तभी है जब वह देश के लिए ऐसा काम करें कि खुशहाली आए। समस्याओं के निस्तारण के लिए भी युवाओं को प्रयास करने होंगे।
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एक अच्छा भविष्य बनाना है
शनिवार को आईआईटी रुड़की का वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें 1900 से ज्यादा छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मिलर ने कहा कि यह खुशी का दिन है। छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। अब उन्हें एक अच्छा भविष्य बनाना है। लेकिन साथ ही छात्रों को यह भी सोचना होगा कि देश (भारत) में अब भी तमाम ऐसे लोग हैं, जिन्हें भरपेट खाना नहीं मिल पाता है।
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हमेशा अपने मन की सुने
पीने के लिए पानी नहीं है। रहने के लिए घर नहीं है। इलाज कराने के लिए दवा और चिकित्सक नहीं है। छात्रों को इन समस्याओं के निस्तारण के लिए भी प्रयास करने होंगे। तभी उनकी पढ़ाई सफल होगी। उन्होंने कहा कि हमेशा अपने मन की सुने। दूसरे के दबाव में कभी कोई कार्य न करें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने जब कोई कार्य अपने मन और वैज्ञानिक ढंग से किया। तब-तब उन्हें सफलता मिली। उन्होंने टेक्नोलॉजी को जरूरी बताया। लेकिन यह भी कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी ऐसी नहीं होनी चाहिए, जो पर्यावरण और उसमें रह रहे जीवों को नुकसान पहुंचाए।
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विकास में अहम भूमिका
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष अनलजीत सिंह ने कहा कि आईआईटी रुड़की सफलता की नई ऊंचाइयों को छूती रहे, ऐसी उनकी कामना है। योजना आयोग भारत सरकार के पूर्व सदस्य, सिविल इंजीनियरिंग में समेकित शोध एवं विकास हेतु कार्रवाई के अध्यक्ष और मानद उपाधि प्राप्तकर्ता डा. किरीट शांतिलाल पारिख ने कहा कि आईआईटी रुड़की देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने देश के आर्थिक विकास को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए इसमें युवाओं की भूमिका को अहम बताया। इससे पूर्व आईआईटी डायरेक्टर प्रोफेसर प्रदीप्त बनर्जी ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उपब्धियां बताईं।
‘जयति-जयति विद्या संस्थान...’
दीक्षांत समारोह की शुरुआत मंत्रोच्चारण के साथ हुई। मंत्रोच्चारण के समय अतिथि और समारोह में शामिल सभी लोग खड़े रहे। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने मंच पर आईआईटी के कुलगीत ‘जयति-जयति विद्या संस्थान...’ गाया। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने भी इस गीत को गुनगुनाया।
प्रो. भीम सिंह और प्रो. टीएन सिंह को शोध पुरस्कार
समारोह के दौरान राष्ट्रीय स्तर के दो शोध पुरस्कार दिए गए। खोसला राष्ट्रीय पुरस्कार आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर भीम सिंह को दिया गया। उन्हें 51 हजार रुपये का चेक, एक शंसा पत्र (प्रमाणपत्र) और एक स्वर्ण पदक दिया गया। गोपाल रंजन शोध पुरस्कार आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर टीएन सिंह को दिया गया। इस पुरस्कार में 55 हजार रुपये का चेक और एक शंसा पत्र होता है। यह पुरस्कार बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष अनलजीत सिंह ने दिया।
इन छात्रों को मिला मेडल
मुख्य अतिथि थॉमस जे. मिलर जूनियर ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया।
छात्र/छात्रा का नाम-------------मेडल
- विहान जैन, बीटेक------------प्रेसीडेंट्स गोल्ड मेडल
- गुंजन मुंधरा, बीटेक----------दि प्रेसीडेंट्स ऑफ इंडिया, डा. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल
- शशांक शेखर, बीटेक----------डा. जयकृष्णा गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल
- अदिति गर्ग, बी.आर्किटेक----------सिल्वर मेडल
- सुशोभान सेन, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- वोग्गू विकास रेड्डी----------सिल्वर मेडल
- अभांशु गुप्ता, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- ए मोहन शर्मा, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- नवनीत कुमार, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- सुमन सौरभ, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- सौरभ के दीक्षित, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- पी. नागादित्या, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- हिमांशु खेरा, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- सौम्या तिवारी, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- विजय प्रकाश, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- एस यश विकास, बीटेक----------सिल्वर मेडल
- एन सागर राम, एमटेक----------सिल्वर मेडल
- शेखर शुक्ला, एमटेक----------सिल्वर मेडल
- नेहा करगवाल, एमटेक----------सिल्वर मेडल
- राजदीप बरुआ, एमएससी----------सिल्वर मेडल
- इंद्रदीप बनर्जी, एमएससी----------सिल्वर मेडल
- गौरव बनर्जी, एमएससी----------सिल्वर मेडल