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Dehradun News: अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान पर मिलकर काम करेंगे आईआईटी-यूसैक
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-आईआईटी रुड़की और यूसैक के बीच हुआ समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) देहरादून अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान पर मिलकर काम करेंगे। दोनों के बीच इसके लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शुक्रवार को आईआईटी रुड़की परिसर में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और यूसैक के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान के क्षेत्रों में साझा प्रयास करना है। समझौते के तहत मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैज्ञानिक अनुसंधान सहयोग, एमटेक व पीएचडी परियोजनाओं का संयुक्त पर्यवेक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन होगा। दोनों संस्थान अंतरिक्ष अनुप्रयोग, जियोस्पेशियल तकनीक, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों पर मिलकर कार्य करेंगे। आईआईटी के छात्रों को यूसैक में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और लैब भ्रमण के अवसर मिलेंगे। साथ ही, यूसैक के वैज्ञानिकों का आईआईटी के माध्यम से क्षमता निर्माण (कौशल विकास) किया जाएगा। राज्य में अंतरिक्ष विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए संयुक्त रूप से हैकाथॉन, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर आईआईटी के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय एच उपाध्याय, यूसैक के वैज्ञानिक डॉ. प्रियदर्शी उपाध्याय, डॉ. सुषमा गैरोला और डॉ. नीलम रावत मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) देहरादून अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान पर मिलकर काम करेंगे। दोनों के बीच इसके लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शुक्रवार को आईआईटी रुड़की परिसर में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और यूसैक के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान के क्षेत्रों में साझा प्रयास करना है। समझौते के तहत मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैज्ञानिक अनुसंधान सहयोग, एमटेक व पीएचडी परियोजनाओं का संयुक्त पर्यवेक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन होगा। दोनों संस्थान अंतरिक्ष अनुप्रयोग, जियोस्पेशियल तकनीक, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों पर मिलकर कार्य करेंगे। आईआईटी के छात्रों को यूसैक में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और लैब भ्रमण के अवसर मिलेंगे। साथ ही, यूसैक के वैज्ञानिकों का आईआईटी के माध्यम से क्षमता निर्माण (कौशल विकास) किया जाएगा। राज्य में अंतरिक्ष विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए संयुक्त रूप से हैकाथॉन, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर आईआईटी के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय एच उपाध्याय, यूसैक के वैज्ञानिक डॉ. प्रियदर्शी उपाध्याय, डॉ. सुषमा गैरोला और डॉ. नीलम रावत मौजूद रहे।
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