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Dehradun News: आईजीएसटी सेटलमेंट से बढ़ा जीएसटी में राजस्व
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- राज्य में गाड़ियों की खपत बढ़ने से जीएसटी राजस्व का ग्राफ बढ़ा
- बीते वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट में 3.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी
- जीएसटी से वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 8150 करोड़ राजस्व प्राप्त
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में वाहनों पर टैक्स की दरें कम होने के बाद उत्तराखंड में खपत बढ़ी है। इससे राज्य का राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। बीते वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट में 3.11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी माह तक जीएसटी से उत्तराखंड को 8150 करोड़ का राजस्व मिला है। जो बीते वर्ष से 5.81 प्रतिशत अधिक है। जनवरी महीने में 849 करोड़ का राजस्व मिला है। आईजीएसटी सेटलमेंट में राज्य का हिस्सा बढ़ने बढ़ा है। बीते वित्तीय वर्ष में जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट से 369 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। जो इस बार 464 करोड़ हो गया है। आईजीएसटी का सेटलमेंट माल व सेवाओं के उपभोग पर आधारित होता है। जिस राज्य में माल या सेवा की खपत होती है, टैक्स का हिस्सा उसी राज्य को दिया जाता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दरों में बदलाव किया। वाहनों पर पहले जीएसटी की दरें 28 प्रतिशत थी, इसे घटा कर 18 प्रतिशत किया गया। टैक्स दरें कम होने से उत्तराखंड में बनने वाले वाहन बाहरी राज्यों में कम गईं। राज्य में खपत बढ़ने से सरकार को आईजीएसटी सेटलमेंट के रूप में राजस्व का लाभ मिला है।
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- बीते वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट में 3.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी
- जीएसटी से वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 8150 करोड़ राजस्व प्राप्त
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में वाहनों पर टैक्स की दरें कम होने के बाद उत्तराखंड में खपत बढ़ी है। इससे राज्य का राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। बीते वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट में 3.11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी माह तक जीएसटी से उत्तराखंड को 8150 करोड़ का राजस्व मिला है। जो बीते वर्ष से 5.81 प्रतिशत अधिक है। जनवरी महीने में 849 करोड़ का राजस्व मिला है। आईजीएसटी सेटलमेंट में राज्य का हिस्सा बढ़ने बढ़ा है। बीते वित्तीय वर्ष में जनवरी माह में आईजीएसटी सेटलमेंट से 369 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। जो इस बार 464 करोड़ हो गया है। आईजीएसटी का सेटलमेंट माल व सेवाओं के उपभोग पर आधारित होता है। जिस राज्य में माल या सेवा की खपत होती है, टैक्स का हिस्सा उसी राज्य को दिया जाता है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दरों में बदलाव किया। वाहनों पर पहले जीएसटी की दरें 28 प्रतिशत थी, इसे घटा कर 18 प्रतिशत किया गया। टैक्स दरें कम होने से उत्तराखंड में बनने वाले वाहन बाहरी राज्यों में कम गईं। राज्य में खपत बढ़ने से सरकार को आईजीएसटी सेटलमेंट के रूप में राजस्व का लाभ मिला है।
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