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Dehradun News: न्यायालय की शरण लेंगे एसएसबी प्रशिक्षित गोरिल्ला

Mon, 05 Feb 2024 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 05 Feb 2024 01:36 AM IST
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If the demands are not met, the SSB trained guerrilla
I-बाढ़वाला में संपन्न हुई बैठक में लिया निर्णय, नौकरी, पेंशन तथा मृतक आश्रित को सुविधाएं देने की मांगI
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मांगें नहीं माने जाने पर एसएसबी प्रशिक्षित गोरिल्ला संगठन न्यायालय की शरण लेगा। रविवार को बाढ़वाला में आयोजित गुरिल्ला संगठन की बैठक में इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष बहादुर सिंह पंवार ने कहा कि 1970 तथा 80 के दशक में चीन के विरुद्ध छापेमारी युद्ध में सीमावर्ती राज्यों के पुरुषों और महिलाओं को एसएसबी ने गोरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण दिया था। तत्कालीन उत्तर प्रदेश तथा वर्तमान में उत्तराखंड के जौनसार बाबर क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने ग्वालदम, पौड़ी तथा हिमाचल प्रदेश के सराहन स्थित एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेकर राष्ट्र के प्रति अपना दायित्व निभाया था। कहा कि मणिपुर तथा मिजोरम आदि राज्यों में प्रशिक्षित गुरिल्लाओं को सरकारी नौकरी भी दी गई। उन्हें पेंशन भी दी जा रही है। यह मांग उत्तराखंड के प्रशिक्षित गुरिल्ला भी करते आ रहे हैं, परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है।


संगठन के सचिव यशपाल सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि अन्य राज्यों की भांति उत्तराखंड में भी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं को नौकरी, पेंशन तथा मृतक आश्रित को मिलने वाली सुविधाएं दी जाएंगी, लेकिन घोषणा धरातल पर नहीं उतरी। इस अवसर पर सुदामा प्रसाद, हरि सिंह, शांति पंवार, रनियादास, टीकम सिंह, रतनी देवी, मनीषा सुशीला तोमर आदि मौजूद रहे।
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