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अगर अब इन लोगों ने दिया धरना तो हाथ से जाएगी नौकरी

Thu, 09 Aug 2018 08:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 09 Aug 2018 08:16 PM IST
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if teacher do protest they will lose job
- फोटो : Demo Pic

स्कूलों से छुट्टी लेकर शिक्षा निदेशालय में धरना देने वाले शिक्षामित्रों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। बृहस्पतिवार को शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (बेसिक) को ऐसे शिक्षा मित्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

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राजकीय शिक्षक संघ के पेच कसने के बाद अब शिक्षा निदेशालय शिक्षामित्रों के आंदोलन पर सख्त हो गया है। सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षामित्र क्रांतिकारी महासंघ का शिक्षा निदेशालय में पिछले चार दिनों से आमरण अनशन चल रहा है। इसमें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आकर शिक्षामित्र हिस्सा ले रहे हैं।
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शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने बृहस्पतिवार को सभी जिलों के डीईओ को पत्र भेजकर आंदोलन में शामिल हो रहे शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छुट्टी लेकर धरना एवं प्रदर्शन में शामिल होने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ने पर ऐसे शिक्षामित्रों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी। 
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कार्य बहिष्कार और सचिवालय कूच करेंगे शिक्षामित्र
डीएलएड प्रशिक्षण पूरा कर चुके करीब 900 शिक्षामित्रों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर बीते चार दिनों से शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन कर रहे शिक्षामित्र क्रांतिकारी महासंघ ने कार्य बहिष्कार और सचिवालय कूच की चेतावनी दी है। शिक्षामित्रों ने कहा कि 12 को कार्य बहिष्कार के बाद 13 अगस्त को प्रदेशभर के शिक्षा मित्र सचिवालय कूच करेंगे।


शिक्षा निदेशालय में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार डीएलएड प्रशिक्षण पूरा कर चुके करीब 900 शिक्षामित्रों के साथ भेदभाव कर रही है। उनसे पहले प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी जा चुकी है। जबकि, उन्हें 2017 में प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद आज तक नियुक्ति नहीं दी गई है। इसके विरोध में वे काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार उन्हें लगातार नियुक्ति का आश्वासन दे रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों ने उग्र आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है। धरना, प्रदर्शन करने वालों में महावीर सिंह, मोहन सिंह, फकीर सिंह रावत, नरेश चंद, जसवंती, प्रियंका, चित्रा राणा, चंदा थापा समेत अन्य शिक्षक शामिल रहे।

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