फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   I have decided on the venue for the debate; Godiyal should decide the time and day: Hemant Dwivedi

बहस के लिए स्थान मैंने तय किया समय और दिन गोदियाल तय करें : हेमंत द्विवेदी

Thu, 16 Jul 2026 01:38 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
I have decided on the venue for the debate; Godiyal should decide the time and day: Hemant Dwivedi
देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आरोपों पर खुली बहस की चुनौती है। उन्होंने कहा, मैंने बहस के लिए स्थान तय किया है और समय व दिन गोदियाल तय करें। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अध्यक्ष के रूप में मेरी भी नैतिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस्तीफा देने का सवाल नहीं उठता है। प्रकरण की त्रिस्तरीय जांच चल रही है। जांच में दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
विज्ञापन

बुधवार को केनाल रोड स्थित बीकेटीसी कार्यालय में प्रेसवार्ता में द्विवेदी ने बीकेटीसी अध्यक्ष पद गोदियाल के कार्यकाल में नियम विरुद्ध नियुक्ति, मंदिर कोष से दी गई राशि में अनियमितता के आरोपों के साक्ष्य पेश कर पलटवार किया। उन्होंने कहा, बदरी विशाल व बाबा केदार की पवित्र परंपराओं, श्रद्धालुओं की भावनाओं व मंदिर समिति की गरिमा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

द्विवेदी ने कहा, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने 2003 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद नियुक्त के लिए बीकेटीसी को पत्र लिखा था, जिसमें ब्लैसनेट इंडिया कंपनी मुंबई में काम करने का अनुभव होने का जिक्र किया। उनके पत्र के आधार पर अस्थायी तौर पर आठ हजार वेतन पर नियुक्ति दी गई। शासन ने बीकेटीसी के 34 कर्मचारियों को स्थायी करने की स्वीकृति दी और नौटियाल को इंटरनेट कोऑर्डिनेटर पर नियमित किया। इसके बाद नौटियाल को तत्कालीन अध्यक्ष गोदियाल ने वैयक्तिक सहायक का अतिरिक्त प्रभार दिया और 2018 में नियमों का ताक पर रख कर 2800 ग्रेड वेतन से सीधे 4600 ग्रेड वेतन स्वीकृत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रताप नगर टिहरी में निजी भूमि पर मंदिर कोष से नौ लाख की लागत से सड़क निर्माण कराया, एक निजी फर्म को डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए 12 लाख और पोखरी स्थित शिव मंदिर जीर्णोद्धार के लिए 39 हजार रुपये खर्च किए। जबकि ये मंदिर बीकेटीसी के अधीन नहीं है। बोर्ड बैठक में कम से पांच सदस्य होने चाहिए, लेकिन गोदियाल के कार्यकाल में तीन सदस्यों की मौजूदगी में मंदिरों के निर्माण के लिए लाखों रुपये देने का प्रस्ताव गुपचुप तरीके पारित किया गया।


गोदियाल को सार्वजनिक बहस की चुनौती दोहराते हुए कहा कि वह यदि वे चाहें तो बदरीनाथ या केदारनाथ धाम के पवित्र प्रांगण में खुली चर्चा के लिए उपस्थित हों और अपने कार्यकाल के दौरान मंदिर समिति की मर्यादाओं, परंपराओं तथा संसाधनों के उपयोग को लेकर जनता के समक्ष स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति में जहां पर वित्तीय अनियमितता हुई है, उसकी जांच कराई जाएगी। इस मौके पर राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बर्थ्वाल व भाजपा प्रवक्ता हनी पाठक मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed