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Dehradun News: चार साल बाद छात्रावास शुरू होने की जगी उम्मीद, छात्राओं से मांगे आवेदन
Sun, 11 Oct 2026 06:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sun, 11 Oct 2026 06:17 PM IST
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वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डाकपत्थर) में चार साल से बनकर तैयार महिला छात्रावास के संचालन की उम्मीद आखिरकार जग गई है। उच्च शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में 20 बेड की क्षमता वाले इस छात्रावास को अब 50 बेड तक विस्तारित करने की तैयारी है।
महाविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास भवन का निर्माण करीब चार वर्ष पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में इसका संचालन लटका था। छात्रसंघ की ओर से भी इसे शुरू करने के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही थी। अब शासन के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और प्रवेश की इच्छुक छात्राओं की सूची तैयार की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालय प्रशासन से छात्रावास की तस्वीरें भी तलब की हैं, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। आवेदन प्राप्त होने के साथ ही कॉलेज प्रशासन बेडों की संख्या 20 से बढ़ाकर 50 करेगा।
किराये के कमरे और रोज के सफर से मिलेगी मुक्ति
महिला छात्रावास का संचालन शुरू होने से दूरदराज के गांवों से आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कई छात्राओं को रोजाना लंबी दूरी तय कर कॉलेज पहुंचना पड़ता है या फिर मजबूरी में विकासनगर व डाकपत्थर में किराये का कमरा लेकर रहना पड़ता है। सुरक्षित आवास और भोजन की सुविधा मिलने से छात्राओं की सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता घटेगी और उनके समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
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छात्रसंघ में खुशी की लहर
छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम तोमर ने कहा कि महिला छात्रावास को शुरू करना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल रहा है। अब इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने से छात्राओं और छात्रसंघ पदाधिकारियों में खुशी है। इससे दूसरे क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सकेगा।
महिला छात्रावास में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक छात्राओं से आवेदन प्राप्त करने के बाद सूची और आवश्यक दस्तावेज उच्च शिक्षा विभाग को भेजे जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होते ही छात्रावास का विधिवत संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. मानवेंद्र भंडारी, प्रभारी प्राचार्य, डाकपत्थर पीजी कॉलेज।
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महाविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास भवन का निर्माण करीब चार वर्ष पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में इसका संचालन लटका था। छात्रसंघ की ओर से भी इसे शुरू करने के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही थी। अब शासन के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और प्रवेश की इच्छुक छात्राओं की सूची तैयार की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालय प्रशासन से छात्रावास की तस्वीरें भी तलब की हैं, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। आवेदन प्राप्त होने के साथ ही कॉलेज प्रशासन बेडों की संख्या 20 से बढ़ाकर 50 करेगा।
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किराये के कमरे और रोज के सफर से मिलेगी मुक्ति
महिला छात्रावास का संचालन शुरू होने से दूरदराज के गांवों से आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कई छात्राओं को रोजाना लंबी दूरी तय कर कॉलेज पहुंचना पड़ता है या फिर मजबूरी में विकासनगर व डाकपत्थर में किराये का कमरा लेकर रहना पड़ता है। सुरक्षित आवास और भोजन की सुविधा मिलने से छात्राओं की सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता घटेगी और उनके समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
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छात्रसंघ में खुशी की लहर
छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम तोमर ने कहा कि महिला छात्रावास को शुरू करना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल रहा है। अब इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने से छात्राओं और छात्रसंघ पदाधिकारियों में खुशी है। इससे दूसरे क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सकेगा।
महिला छात्रावास में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक छात्राओं से आवेदन प्राप्त करने के बाद सूची और आवश्यक दस्तावेज उच्च शिक्षा विभाग को भेजे जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होते ही छात्रावास का विधिवत संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. मानवेंद्र भंडारी, प्रभारी प्राचार्य, डाकपत्थर पीजी कॉलेज।