उत्तराखंडः HMT को ‘पुनर्जन्म’ देने की तैयारी
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वेतन और भविष्य के लिए जूझ रहे उत्तराखंड के रानीबाग स्थित शाखा के एचएमटी कर्मियों के लिए राहत की खबर है।
एक माह पूर्व आई रक्षा विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में आधुनिक मशीन होने के कारण रक्षा उपकरण बनने की संभावना जताई गई है।
एचएमटी रानीबाग इकाई में पिछले डेढ़ वर्ष से उत्पादन बंद है। बिल का भुगतान न हो पाने के कारण फैक्ट्री की बिजली भी कटी हुई है। फैक्ट्री और कर्मियों को लेकर भी सियासत हो रही है।
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तमाम आश्वासनों के बाद भी बिजली जुड़वाने को कोई प्रयास नहीं किया।
रक्षा मंत्री को मिली HMT की सकारात्मक रिपोर्ट
दो माह के लिए पेडिंग ऑर्डर निपटने के लिए बिजली जुड़वाने पर उन्होंने सहमति तो जताई पर अपने राजनीतिक दांव से कर्मियों को चित कर दिया।
प्रबंधन ने अंडर टेकिंग लिखाकर देने की बात कहकर गेंद कर्मियों के पाले में डाल दी। एक माह पूर्व एचएमटी में डिफेंस में मर्ज करने की संभावनाओं को लेकर रक्षा विशेषज्ञों की एक टीम रानीबाग इकाई आई थी।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इकाई ने सकारात्मक रिपोर्ट रक्षा मंत्री को दी है। रानीबाग इकाई में पूर्व में भी रक्षा संबंधी उपकरण बन चुके हैं।
रिपोर्ट में आधुनिक मशीनों के कारण रक्षा उपकरण बनने की संभावना जताई गई है। फैक्ट्री के लिए निर्णय अब केंद्र सरकार को करना है। डिफेंस में मर्ज होने पर 523 कर्मियों का भविष्य भी सुरक्षित हो सकता है।