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बदरीनाथ में रावल केशवन के किस्से...

Thu, 06 Feb 2014 05:55 PM IST
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Thu, 06 Feb 2014 05:55 PM IST
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history of rawal keshwan

श्रीबदरीनाथ धाम के निलंबित रावल वी केशवन नंबूदरी परंपराओं का निर्वहन नहीं कर रहे थे। 2009 में वी केशवन नंबूदरी को मुख्य रावल का दायित्व सौंपा गया था।

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लेकिन इन करीब पांच सालों में ही कभी समिति से टकराव को लेकर तो कभी परंपराओं को तोड़ने के लिए ये हमेशा चर्चा में रहे। वी केशवन नंबूदरी बदरीनाथ धाम में पहले नायब रावल थे।
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जिसे समिति की ओर से मुख्य रावल का दायित्व सौंपा गया। मुख्य रावल बनते ही इन्होंने मनमानियां शुरू कर दी।

अपने अनुसार कराते थे धाम में पूजा-महाभिषेक

history of rawal keshwan

परंपरा के अनुसार रावल को दिन भर की पूजाओं में पांच बार स्नान करना होता है। जबकि रावल केशवन चार बार ही स्नान करते थे। यही नहीं नियमों के अनुसार महाभिषेक और बालभोग पूजा अलग-अलग होती है।

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सुबह तीन बजे महाभिषेक पूजा के बाद करीब एक घंटे बाद बालभोग पूजा होती है। लेकिन 2013 से केशवन ने दोनों ही पूजा एक साथ करनी शुरू कर दी। हालांकि दोपहर का भोग, आरती और शयन आरती नियमानुसार ही करते थे।

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रावल की मनमानी पर समिति ने कोई विरोध नहीं किया। यही नहीं बदरी-केदार मंदिर समिति के साथ इनके टकराव के भी चर्चे रहे हैं। रावल को समिति के संविधान के अनुसार कार्य करना होते हैं।

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लेकिन रावल ने वर्ष 2012 में समिति की सहमति के बिना ही मुख्य द्वार पर तीर्थयात्रियों के लिए लकड़ी की सीढ़ियां बनवा दी थी। तब तत्कालीन बीकेटीसी अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भट्ट ने नाराजगी जताई थी।

रावल पर एक माह में खर्च होते हैं 6 लाख

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मंदिर समिति रावल के वेतन और सुविधाओं पर छह माह में करीब छह लाख रुपये खर्च करती है। रावल के मंदिर के पास रहने, उनके लिए खाना पकाने सहित जरूरी कार्यों के लिए समिति की ओर से दो वेतनभोगी कर्मचारी भी नियुक्त हैं।

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पहले भी बदरीनाथ के रावलों ने परंपराएं खंडित की। वर्ष 1971 में रावल विष्णु प्रसाद नंबूदरी की महिलाओं से नजदीकियां बढ़ गई थी। तब मंदिर समिति के तत्कालीन सीईओ डीडी बहुगुणा ने रावल को बर्खास्त कर दिया था।

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वर्ष 2003-04 में भी रावल और समिति के मुख्य कार्याधिकारी के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई। रावल की ओर से धाम में धार्मिक परंपराओं के उलट काम करने पर तत्कालीन अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भट्ट ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

अनिल अंबानी, नीरा राडिया से थे अच्छे संबंध

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टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले से चर्चाओं में आई नीरा राडिया के नेयती चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2011 में धाम में निशुल्क मेडिकल कैंप लगाया था। बताया जाता है कि केशवन नंबूदरी के कहने पर ही राडिया ने यह कैंप लगवाया है।

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वहीं अनिल अंबानी भी इनके कहने पर 2013 में चंदन और केसर का खर्च उठाया था इसके लिए समिति को करीब 50 लाख रुपए दिए थे।

एसएमएस भेजकर माफी मांगी

बद्रीनाथ धाम के मुख्य रावल वी.केशवन नंबूदरी ने होटल में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ करने के बाद माफी मांगी थी। माफी मांगने के लिए उसने महिला को तीन मैसेज भेजे थे।

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इनमें सॉरी, माफ कर दो और नशे में ऐसा हो गया जैसी बातों का जिक्र किया गया। पीड़ित महिला ने इन मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया।

जबरन बुलाने पर आई थी होटल में
बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी वी. केशवन नंबूदरी के जबरन बुलाने पर महिला रात को होटल में आई थी। जब महिला ने अगले दिन आने की बात कही तो नंबूदरी ने कहा कि वह मंगलवार को दिल्ली से चला जाएगा।

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यही नहीं गर्भवती होने के कारण जब वह सीढ़ियां चढ़ने से मना किया, तो केशवन उसे पकड़कर कमरे में ले गया।

भाजपा ने किया रावल का समर्थन

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने श्रीबदरीनाथ धाम के रावल रहे केशव नंबूदरी पर लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। रावत ने कहा कि रावल का पद पूरे विश्व के हिदुओं में आस्था व सम्मान का केंद्र है।

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जैसी घटना सामने आई है उससे उससे किसी बड़े षड़यंत्र से इंकार नही किया जा सकता। क्योकि केशव नंबूदरी ने अपने पद की मर्यादा के अनुरूप आचरण कर संपूर्ण धार्मिक व आध्यात्मिक जगत में प्रतिष्ठा पाई है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला के बयानों की जांच होनी चाहिए, क्योंकि घटना आरोप लगाने वाली महिला के स्वामित्व वाले परिसर में घटी है।

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रावत ने कहा कि श्रीबदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने रावल को नैतिक बल देने बजाय आनन फानन में निलम्बित किया है, यह एक गैर जिम्मेदाराना रवैया।

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