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देवभूमि की बेटी को अमेरिकन एंबेसी देगी 'वी केन' अवार्ड
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 18 Oct 2017 08:04 PM IST
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hiresha verma
देहरादून की हिरेशा वर्मा को इस वर्ष अमेरिकन एंबेसी की ओर से महिला उद्यमियों के लिए आयोजित बिजनेस प्लान कंपटीशन में वी केन अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
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यह अवार्ड पाने वाली वह उत्तराखंड की एकमात्र और देश की पांच महिलाओं में शामिल हैं। हिरेशा ने आईटी कंपनी छोड़कर मशरूम की खेती में हाथ आजमाया और आज खुद इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ ही 25 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया। मशरूम की खेती कर हिरेश ने खेती को घाटे का सौदा बताकर इससे मुंह मोड़ने वालों के सामने मिसाल पेश की है।
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दून निवासी हिरेशा वर्मा की अपनी आईटी कंपनी थी, लेकिन इस कंपनी को छोड़कर उन्होंने वर्ष 2010 में मशरूम की खेती की शुरू की। छरबा गांव में उनका मशरूम का प्लांट हैं, जिसमें उन्होंने कई लोगों को रोजगार दिया है।
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अमेरिकन एंबेसी ने किया हिरेशा के प्लांट का निरीक्षण
Mushroom
इसके अलावा पहाड़ के दूरदराज के क्षेत्रों में हजारों महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर उन्हें इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बना चुकी हैं। उनके कार्य को देखते हुए उन्हें इस वर्ष अमेरिकन एंबेसी की ओर से महिला उद्यमियों के लिए आयोजित बिजनेस प्लान कंपटीशन में वी केन अवार्ड से नवाजा गया। यूएस एंबेसी की डायरेक्टर ने दिल्ली में उन्हें यह अवार्ड दिया गया।
अवार्ड के लिए देशभर से पहले चरण के लिए एक हजार प्रतिभागियों का चयन किया गया था। दूसरे चरण में 150 और तीसरे चरण में 25 उद्यमी पहुंचे। अंतिम चरण में देश भर से पांच महिलाओं का चयन किया गया, जिसमें हिरेशा वर्मा भी शामिल हैं।
हिरेशा के मुताबिक, अमेरिकन एंबेसी की ओर से उनके प्लांट का निरीक्षण किया गया था। मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में कुछ सवाल भी पूछे गए थे। हिरेशा ने बताया कि मशरूम का उत्पादन पांच हजार रुपये से शुरू किया जा सकता है, जबकि बड़े स्तर पर करने के लिए एक से डेढ़ करोड़ रुपये लागत आती है।
अवार्ड के लिए देशभर से पहले चरण के लिए एक हजार प्रतिभागियों का चयन किया गया था। दूसरे चरण में 150 और तीसरे चरण में 25 उद्यमी पहुंचे। अंतिम चरण में देश भर से पांच महिलाओं का चयन किया गया, जिसमें हिरेशा वर्मा भी शामिल हैं।
हिरेशा के मुताबिक, अमेरिकन एंबेसी की ओर से उनके प्लांट का निरीक्षण किया गया था। मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में कुछ सवाल भी पूछे गए थे। हिरेशा ने बताया कि मशरूम का उत्पादन पांच हजार रुपये से शुरू किया जा सकता है, जबकि बड़े स्तर पर करने के लिए एक से डेढ़ करोड़ रुपये लागत आती है।