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हाईकोर्ट ने दिए गौमुख के पास बनी झील को हटाने के आदेश, जानिए पूरा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:12 PM IST
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हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को गोमुख ग्लेशियर के पास ग्लेशियर पिघलने से बनी झील को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए इसरो और एनडीआरएफ की मदद लेने के लिए भी कहा है।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दिल्ली निवासी अजय गौतम ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जुलाई 2017 में आई बाढ़ के कारण गोमुख ग्लेशियर के पास विशाल झील बन गई है।
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याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि गोमुख में बनी झील केदारनाथ में चोराबाड़ी झील से भी बड़ी और अधिक खतरनाक है। हाइकोर्ट की खंडपीठ ने केदारनाथ में गांधी सरोवर टूटने से हुई त्रासदी से सबक लेते हुए इस पर गंभीरता से काम करने को कहा।
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सेटेलाइट से रखी जा रही झील पर नजर : सीएस
नैनीताल पहुंचे राज्य के मुख्य सचिव (सीएस) उत्पल कुमार सिंह ने गोमुख ग्लेशियर में बनी झील को बड़ा खतरा मानने से इनकार करते हुए कहा कि सेटेलाइट के माध्यम से झील के संबंध में जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन इस मामले में संजीदा है और कोर्ट के जो भी दिशा-निर्देश होंगे, उनका अनुपालन किया जाएगा।