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Dehradun News: हाईकोर्ट ने चाय बागान की खरीद-फरोख्त पर रोक बढ़ाई, सरकार से मांगा जवाब

Tue, 11 Jul 2023 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jul 2023 01:36 AM IST
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High court extended ban on sale and purchase of tea garden, sought response from the government
हाईकोर्ट ने देहरादून में चाय बागान की जमीन की खरीद फरोख्त पर लगी रोक को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने पूर्व के आदेश पर अभी तक जवाब दाखिल नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने राज्य सरकार को 13 सितंबर तक जवाब पेश करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने कहा, अगर जवाब पेश नहीं किया गया तो संबंधित सचिव व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होंगे।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी विकेश सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सरकार में निहित जमीन को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया था। याचिका में कहा गया कि राजा चंद्र बहादुर सिंह की सर प्लस जमीन को 1960 में सरकार में निहित कराया जाना था, लेकिन लाड़पुर, नथनपुर, रायपुर सहित अन्य की जमीन को भूमाफिया बेच रहे हैं। याचिका में कहा गया कि करीब 350 बीघा भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाए। याचिका में सरकार से इस भूमि तत्काल अपने कब्जे में लेने और जमीन खरीदने और बेचने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
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अपर कलेक्टर कोर्ट सुना चुका है फैसला, चाय बागान की खरीद-फरोख्त अवैध
चाय बागान की सीलिंग की बेशकीमती जमीन को कब्जाने के मामले में अपर जिला कलेक्टर कोर्ट ने हाल ही में यह फैसला देकर कहा था कि देहरादून के चकरायपुर, रायपुर, लाड़पुर, परवादून में चाय बागान की जमीन की खरीद-फरोख्त गैरकानूनी है। अदालत ने लाडपुर स्थित जमीन पर अपना अधिकार बताने वाले वादी की याचिका को खारिज कर कहा कि इस जमीन का मालिकाना हक राज्य सरकार का होगा। याचिकाकर्ता संतोष अग्रवाल ने अपील की थी कि चकरायपुर, लाडपुर, रायपुर स्थित चाय बागान की जमीन पर उनका मालिकाना हक है। इस जमीन की खरीद-फरोख्त कानूनी तरीके से की गयी है। एडीएम प्रशासन डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने कोर्ट में सुनवाई कर याचिकाकर्ता के इस दावे को निरस्त किया था। कहा कि यदि कोई भूमि मालिक सीलिंग की जमीन की खरीद-फरोख्त करेगा तो उसका जमीन पर मालिकाना हक खुद समाप्त हो जाएगा और यह जमीन सरकार को हस्तांतरित हो जाएगी।
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चाय बागान की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग
देहरादून। प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान में चाय बागान की भूमि को भी शामिल करने की मांग की गई है। अधिवक्ता विकेश नेगी ने कहा कि इस अभियान में चाय बागान की 350 बीघा जमीन पर किए गए कब्जों को शामिल नहीं किया गया है। प्रशासन कोर्ट के आदेशों के तहत कार्रवाई करे और यहां बने अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाए। जिला प्रशासन ने हाल में ही चाय बागान की चार हजार बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद प्रशासन सीलिंग की जमीन को अपने कब्जे में लेने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
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