उत्तराखंड में बर्फबारी ने तोड़ा 33 सालों का रिकॉर्ड
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बर्फबारी ने 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। समुद्र सतह से 850 मीटर ऊंचाई पर बसे चिन्यालीसौड़ बाजार तक हिमपात हुआ। जिला मुख्यालय में चौदह साल बाद दो से तीन इंच बर्फ गिरी।
जिले में शुक्रवार से बारिश एवं बर्फबारी शुरू हो गए थी। शनिवार सुबह तक जिले के अधिकांश हिस्से बर्फबारी से लकदक हो गए थे। भटवाड़ी क्षेत्र में भी जमकर बर्फबारी हुई। हर्षिल घाटी में 2 से 3 फीट बर्फ पड़ी है।
200 गांव अलग-थलग
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फ के कारण 200 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। यहां यातायात के साथ बिजली आपूर्ति एवं संचार सेवा ठप है।
डुंडा मुख्य बाजार में भी करीब 23 साल बाद बर्फ गिरी है। साथ गाजणा, नौगांव, पुरोला, बड़कोट, मोरी में भी जमकर बर्फ गिरी है। बड़कोट बाजार में नौ साल बाद एक से दो इंच बर्फबारी हुई।
चकराता में तीन फीट बर्फबारी
जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर लगातार तीसरे दिन भी बर्फबारी जारी रही। बर्फबारी से चकराता में बर्फ की मखमली चादर बिछ चुकी है। इस बार छावनी बाजार में तीन फीट तक बर्फबारी हुई है।
इसी के साथ ऊंचाई वाली चोटियों पर सात फीट तक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है। त्यूनी के अटाल गांव में 29 साल बाद बर्फबारी हुई है।
-7 डिग्री पहुंचा तापमान
शनिवार को चकराता का तापमान -7 डिग्री रिकार्ड किया गया। बर्फबारी से घरों की पाइप लाइनें तक जम चुकी हैं। बर्फबारी से लोग घरों में दुबके रहे।
विकासनगर का तापमान पांच डिग्री रिकार्ड किया गया। पूरा पछवादून कड़ाके की ठंड की चपेट में है। लोहारी, लोखंडी, कोटी कनासर, मुंडाली, खंडबा, देववन, बुधेर, मोल्टा, चांगशील समेत ऊंची चोटियों पर सात फीट तक बर्फबारी हुई है।
कई जगह माइनस में पहुंचा पारा
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बृहस्पतिवार से लगातार चल रही बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ हुआ था। राजधानी सहित मैदानी इलाकों में हल्की धूप भी खिली लेकिन शाम को अचानक मौसम ने पलटी खाई और गरज के साथ तेज बारिश शुरू हो गई।
माइनस में पहुंचा पारा
उत्तराखंड में कई जगह पारा माइनस में पहुंच गया। टिहरी में न्यूनतम तापमान -2.5, जबकि मुक्तेश्वर में -1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नैनीताल का तापमान शून्य में पहुंच गया।
मौसम विभाग ने दर्ज की भारी बारिश
बीते 24 घंटे में पंतनगर में 89.4, मुक्तेश्वर में 68.6, जबकि टिहरी में 63 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। दून में 42.7, जबकि पहाड़ों की रानी मसूरी में 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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मसूरी का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम रहा। कुमाऊं में पिथौरागढ़, नैनीताल और अल्मोड़ा में मध्यम बारिश रिकार्ड की गई। इसका माप क्रमश: 39.6, 33 और 28 मिलीमीटर रहा।
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राज्य मौसम केंद्र की मानें तो आने वाले 24 घंटे में प्रदेश में कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 18, जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
दुश्वारियां बढ़ीं, बर्फबारी से कई सड़कें बंद
उत्तरकाशी में गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे, उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग सहित जिले की कई सड़कों पर बर्फबारी से आवागमन प्रभावित हुआ है।
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धरासू नालूपाणी में गंगोत्री हाईवे भूस्खलन से शुक्रवार से ही बंद है। सड़कों के बंद होने से जिले के गंगा एवं यमुनाघाटी के दर्जनों गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। ऐसे में यदि जल्द सड़कें नहीं खुलती हैं तो गांव में रसद का संकट गहरा सकता है। बर्फबारी से कई गांवों में विद्युत आपूर्ति भी ठप पड़ गई है।
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चमोली में गोपेश्वर-ऊखीमठ, पोखरी-रुद्रप्रयाग, जोशीमठ-औली मार्ग और हनुमान चट्टी से ऊपर बदरीनाथ हाईवे बंद है। टिहरी जिले में चंबा-मसूरी, उत्तरकाशी-लंबगांव-प्रतापनगर, चंबा-नई टिहरी मोटर बंद है।
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वहीं रुद्रप्रयाग के सिरोहबगड़ में बदरीनाथ हाईवे खुल गया है। हाईवे पर शुक्रवार रात मलबा आने से यह बंद हो गया था।