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स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति : कोश्यारी
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- सहसपुर ब्लॉक में विश्व डायबिटीज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोले पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सेलाकुई। ओएनजीसी व हिमालयन रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर की ओर से सहसपुर ब्लॉक के सभागार में टाइप वन डायबिटीज सेंसर किट वितरण एवं महिला स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह अच्छी तरह समझना चाहिए कि स्वास्थ्य उसके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है। सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहना चाहिए। बुजुर्ग, महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर नियमित जांच करानी चाहिए। इस प्रकार के प्रयासों से गंभीर बीमारियों की सही समय पर रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े संस्थान व सामाजिक संस्थाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान चलाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। शिविर में 400 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करके उपचार व दवाई वितरित की गई। इसके अलावा डायबिटीज से पीड़ित 25 रोगियों को छह महीने के लिए सेंसर किट प्रदान की गई। इस दौरान ओएनजीसी की पूर्व निदेशक डॉ. सुषमा रावत, विशेषज्ञ डॉ. जिज्ञासा, एचआरएमसी के निदेशक डॉ. सेमवाल, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेलाकुई। ओएनजीसी व हिमालयन रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर की ओर से सहसपुर ब्लॉक के सभागार में टाइप वन डायबिटीज सेंसर किट वितरण एवं महिला स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह अच्छी तरह समझना चाहिए कि स्वास्थ्य उसके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है। सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहना चाहिए। बुजुर्ग, महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर नियमित जांच करानी चाहिए। इस प्रकार के प्रयासों से गंभीर बीमारियों की सही समय पर रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े संस्थान व सामाजिक संस्थाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान चलाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। शिविर में 400 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करके उपचार व दवाई वितरित की गई। इसके अलावा डायबिटीज से पीड़ित 25 रोगियों को छह महीने के लिए सेंसर किट प्रदान की गई। इस दौरान ओएनजीसी की पूर्व निदेशक डॉ. सुषमा रावत, विशेषज्ञ डॉ. जिज्ञासा, एचआरएमसी के निदेशक डॉ. सेमवाल, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह आदि उपस्थित रहे।