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उत्तराखंड: गैरसैंण की पेयजल समस्या दूर करने को रामगंगा पर बनेगा बांध, 122.69 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

Tue, 27 Oct 2026 10:48 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 27 Oct 2026 10:48 PM IST
सार

परियोजना का उद्देश्य गैरसैंण नगर और आसपास की आबादी को दीर्घकालिक पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है।

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Dam to be built on Ramganga River to resolve Gairsain drinking water problem project approved
सीएम धामी - फोटो : सूचना

विस्तार

गैरसैंण नगर और आसपास की आबादी की पेयजल समस्या दूर करने के लिए रामगंगा नदी पर बांध बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत प्रस्तावित इस परियोजना को 122.6891 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। परियोजना शुरू करने के लिए पहली किश्त के रूप में 2.454 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

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शासन के आदेश के अनुसार परियोजना का उद्देश्य गैरसैंण नगर और आसपास की आबादी को दीर्घकालिक पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रारंभिक धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका समायोजन केंद्र सरकार की एसएएससीआई योजना के तहत धनराशि मिलने के बाद किया जाएगा।
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गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण
परियोजना में बांध और बैराज के संरचनात्मक डिजाइन व ड्राइंग को मान्यता प्राप्त संस्था से जांच और सत्यापन कराने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। निर्माण से पहले स्थल का निरीक्षण, आवश्यक मृदा परीक्षण और भूगर्भीय उपयुक्तता की जांच भी कराई जाएगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से परीक्षण और तृतीय पक्ष गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई है।
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प्रभावित गांवों को भी पानी की व्यवस्था
शासन ने निर्देश दिए हैं कि बांध निर्माण के दौरान और परियोजना पूरी होने के बाद डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के प्रभावित गांवों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जल स्रोत में न्यूनतम आवश्यक जल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। परियोजना में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। स्वीकृत लागत से बची धनराशि शासन को वापस करनी होगी और अतिरिक्त कार्य के लिए सक्षम स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। परियोजना की प्रगति की जानकारी शासन को देने के साथ इसे पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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2055 तक लगभग 32 हजार की आबादी को मिलेगा पेयजल
सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष पांडे के मुताबिक रामगंगा पर 35 मीटर ऊंचे बांध के निर्माण से 2055 तक लगभग 32 हजार की आबादी को 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। बांध के बनने से जल भंडारण क्षमता तीन लाख घन मीटर होगी।

राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास योजनाबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो, ताकि विकास का लाभ आमजन तक पहुंचे।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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