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पहली बार : गैरसैंण में एक साल में दो विधानसभा सत्र

Wed, 28 Oct 2026 02:28 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:28 AM IST
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For the first time: Two assembly sessions in a year in Gairsain
भराड़ीसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहली बार एक साल में दो विधानसभा सत्र हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने गैरसैंण में सत्र कराने को प्राथमिकता दी है।
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भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार से विधानसभा सत्र शुरू हुआ। साथ ही राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहली बार एक साल के भीतर दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले इसी साल मार्च में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किया गया था। गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद से यहां समय-समय पर विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती रही है। हालांकि कुछ वर्षों में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ, जबकि कुछ वर्षों में एक बार विधानसभा सत्र आयोजित किया गया।
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वर्ष 2014 में गैरसैंण में पहली बार तीन दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा वर्ष 2017 में दो दिवसीय सत्र हुआ। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक चली। वर्ष 2019 में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ। वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया, जबकि वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक भराड़ीसैंण में छह दिवसीय बजट सत्र चला। वर्ष 2022 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र नहीं हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में चार दिन और वर्ष 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में यहां बजट सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। वहीं, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्तूबर में दूसरी बार विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।
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गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का यह क्रम राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाता है। पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, विकास की जरूरतों और स्थानीय जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के माध्यम से उठाने के लिहाज से भी भराड़ीसैंण में सत्रों का आयोजन अहम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक ही वर्ष में दो बार सत्र का आयोजन गैरसैंण को राज्य की विधायी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

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गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, जन अपेक्षाओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिले। गैरसैंण की भूमिका को सशक्त बनाना और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास को गति देना हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप विकास और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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