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सिविल अस्पताल कायाकल्प में अव्वल
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सिविल अस्पताल रुड़की ने एक बार फिर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आधार पर कायाकल्प अवार्ड अपने नाम कर लिया है। अस्पताल ने लगातार तीसरी बार इस अवार्ड पाने में सफलता हासिल की है। इससे अस्पताल के स्टाफ में खुशी का माहौल है।
केंद्र सरकार की ओर से कायाकल्प योजना के तहत हर साल सरकारी अस्पतालों का सर्वेक्षण कराया जाता है। इसमें अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं भी देखी जाती हैं। अभी तक अस्पताल को दो बार ये अवार्ड मिल चुका है। दो महीने पहले ही कायाकल्प की टीम ने अस्पताल का सर्वेक्षण किया था। बृहस्पतिवार देर शाम सर्वेक्षण का परिणाम घोषित किया गया। इसमें रुड़की का सिविल अस्पताल उप जिला चिकित्सालय की श्रेणी में अव्वल आया है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डॉक्टरों और पूरे स्टाफ सहयोग से ही अस्पताल को तीसरी बार यह अवार्ड मिला है। इसके तहत अस्पताल को 15 लाख रुपये का नकद इनाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से अस्पताल में अन्य सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
ओपीडी में अब मरीजों को मिलेगा नंबर
रुड़की। सिविल अस्पताल में रोजाना रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, पैथोलॉजी लैब आदि में लंबी लाइन लगी रहती है। अस्वस्थ होने के बाद भी मरीजों को लाइन में लगना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार नंबर को लेकर मरीजों के बीच नोकझोंक भी होती रहती है। ऐसे में अब अस्पताल में नंबर की व्यवस्था शुरू होने वाली है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में मशीन के माध्यम से मरीजों को एक टोकन दिया जाएगा। इस पर एक नंबर लिखा होगा। इससे मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ा। ओपीडी में मौजूद डॉक्टर और पैथोलॉजी लैब के अंदर से कर्मचारी नंबर के आधार पर मरीज को आवाज लगाएंगे। इसके बाद मरीज आराम से अंदर जाकर डॉक्टर को दिखा सकते हैं। इससे मरीजों को लाइन में नहीं खड़ा रहना पड़ेगा। इसी हफ्ते ये व्यवस्था लागू हो जाएगी। संवाद
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केंद्र सरकार की ओर से कायाकल्प योजना के तहत हर साल सरकारी अस्पतालों का सर्वेक्षण कराया जाता है। इसमें अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं भी देखी जाती हैं। अभी तक अस्पताल को दो बार ये अवार्ड मिल चुका है। दो महीने पहले ही कायाकल्प की टीम ने अस्पताल का सर्वेक्षण किया था। बृहस्पतिवार देर शाम सर्वेक्षण का परिणाम घोषित किया गया। इसमें रुड़की का सिविल अस्पताल उप जिला चिकित्सालय की श्रेणी में अव्वल आया है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डॉक्टरों और पूरे स्टाफ सहयोग से ही अस्पताल को तीसरी बार यह अवार्ड मिला है। इसके तहत अस्पताल को 15 लाख रुपये का नकद इनाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से अस्पताल में अन्य सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
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ओपीडी में अब मरीजों को मिलेगा नंबर
रुड़की। सिविल अस्पताल में रोजाना रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, पैथोलॉजी लैब आदि में लंबी लाइन लगी रहती है। अस्वस्थ होने के बाद भी मरीजों को लाइन में लगना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार नंबर को लेकर मरीजों के बीच नोकझोंक भी होती रहती है। ऐसे में अब अस्पताल में नंबर की व्यवस्था शुरू होने वाली है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में मशीन के माध्यम से मरीजों को एक टोकन दिया जाएगा। इस पर एक नंबर लिखा होगा। इससे मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ा। ओपीडी में मौजूद डॉक्टर और पैथोलॉजी लैब के अंदर से कर्मचारी नंबर के आधार पर मरीज को आवाज लगाएंगे। इसके बाद मरीज आराम से अंदर जाकर डॉक्टर को दिखा सकते हैं। इससे मरीजों को लाइन में नहीं खड़ा रहना पड़ेगा। इसी हफ्ते ये व्यवस्था लागू हो जाएगी। संवाद
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