Lockdown: गुजरात से उत्तराखंड आ रहे यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने बार्डर पर जबरन उतारा
- गुजरात के 1500 तीर्थयात्रियों को लेकर अहमदाबाद गई थी उत्तराखंड रोडवेज की 50 बसें
- राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस ने देशव्यापी लाकडाउन का हवाला देकर नीचे उतारा
- पश्चिम बंगाल जा रही बस सीज, केस दर्ज
- फर्जी तरीके से मजदूरों को ले जा रही बसें पकड़ी
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परिवहन निगम की बसों में गुजरात से उत्तराखंड आ रहे 50 से अधिक यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर जबरन नीचे उतार लिया। हालांकि चालकों परिचालकों ने यात्रियों को छोड़ देने की काफी गुजारिश की लेकिन हरियाणा पुलिस ने उनकी एक न सुनी। आखिरकार चालक परिचालक तमाम खाली बसों को लेकर उत्तराखंड आ गए । बता दें कि गुजरात के 1500 तीर्थयात्रियों को लेकर परिवहन निगम की 50 बसें हरिद्वार से अहमदाबाद गई थी ।
यात्रियों को गुजरात पहुंचाने के बाद जब बसे वापस आने लगी तो गुजरात सरकार के अधिकारियों ने 50 से अधिक उत्तराखंड के लोगों के फंसे होने का हवाला देकर उन्हें बसों में बैठा लिया। चालक परिचालक यात्रियों को लेक्ट गुजरात व राजस्थान का बॉर्डर तो पार कर गए लेकिन जैसे ही बस राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे तो हरियाणा पुलिस ने बसों को रोक लिया।
चालकों से कागजात मांगे गए तो उन्होंने जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेश की प्रतियां दिखा दी । यात्रियों की बावत जानकारी ली तो चालकों ने बताया कि ये गुजरात में फंसे हुए थे और उन्हें लेकर वह उत्तराखंड जा रहे हैं । लेकिन पुलिस ने कोरोना के चलते देशव्यापी लॉक डाउन का हवाला देकर गाड़ी से नीचे उतार लिया। हाला की चालको ने पुलिस अधिकारियों से काफी अनुरोध किया लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। चालकों परिचालकों की मानें तो ज्यादा अनुरोध करने पर पुलिस अधिकारियों ने बसों को सीज करने की चेतावनी दे डाली ।
आखिरकार सभी यात्रियों को बॉर्डर पर ही छोड़कर बसें सोमवार सुबह हरिद्वार देहरादून आ गई । प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि अफवाह फैला दी गई कि चालकों ने यात्रियों को उतार दिया जबकि हकीकत यह है कि सभी यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर जवान जबरन उत्तर गया। प्रबंध निदेशक चौहान का कहना है कि जब चालक यात्रियों को 1200 किलो मीटर लेकर आ गए थे तो दिल्ली से उत्तराखंड जाने में भला क्या दिक्कत थी।
फर्जी तरीके से मजदूरों को ले जा रही बसें पकड़ी
हरिद्वार में फर्जी पास चस्पा कर सिडकुल के कामगारों को ले जा रही दो बसों को डीएम एवं एसएसपी ने खुद छापा मारकर पकड़ लिया। सामने आया है कि हर एक मजदूर से सात सौ रुपये के हिसाब से किराया तय किया गया था। एसएसपी के निर्देश पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने बस स्वामी ट्रैवल्स व्यवसायी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया। वहीं बसों में सवार कामगारों के ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था कराई गई है।
राज्य में इस समय लॉकडाउन की व्यवस्था जारी है। रविवार की दोपहर तक जिला प्रशासन की तरफ से दूसरे जिले में वाहन के लिए रवाना होने को पास जारी किए जा रहे थे, लेकिन शाम को केंद्र सरकार की एडवाइजरी जारी होने पर हर किसी को जहां के तहां रोक देने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद सिडकुल के औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत कर्मचारी भी पैदल रवाना होने शुरू हो गए।
रविवार की शाम जिलाधिकारी सी रविशंकर, एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस को सूचना मिली की सिडकुल के करीब सौ मजदूरों को दो बस लेकर यूपी की तरफ जा रही है। सूचना मिलने पर जिले के शीर्ष अधिकारियों ने चंडीघाट चौक पर पहुंचकर बसों को रुकवा लिया। सामने आया कि बस के अगले शीशे पर जिला प्रशासन द्वारा फर्जी पास चस्पा किए गए थे।
बस में सवार सभी कामगारों को डैंसो चौक से बरेली, उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। मजदूरों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से सात सौ रुपये किराया तय
किया गया था। कामगारों को ले जा रही बसें चौधरी ट्रैवल्स सेक्टर दो भेल के स्वामी अजय चौधरी पुत्र वीरेंद्र सिंह संचालक चौधरी बस सर्विस निवासी गली नंबर 8 टिहरी विस्थापित कॉलोनी रानीपुर की थी। एसएसपी के निर्देश पर रोड़ी बेलवाला चौकी प्रभारी पवन डिमरी की तरफ से धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए ट्रैवल्स व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पश्चिम बंगाल जा रही बस सीज, केस दर्ज
आवश्यक सामग्री के पास पर पश्चिम बंगाल के 55 यात्रियों को छोड़ने के लिए रवाना हुई एक बस हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पकड़ ली। एसएसपी के निर्देश पर बस चालक
के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रविवार की शाम पुलिस को सूचना मिली की पश्चिम बंगाल के लिए यात्रियों से भरी एक बस रवाना हो रही है। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स ने बस को चंडीघाट पर रोक लिया।
बस चालक नरेंद्र पुत्र ब्रह्मपाल निवासी थाना बवाना जिला मुजफ्फरनगर से जब पास मांगा गया तो उसने जिला प्रशासन की तरफ से आवश्यक सामग्री लाने के लिए जारी पास दिखाया। पुलिस ने चालक को फटकार लगाई। पूछताछ में पता चला कि पश्चिम बंगाल के करीब 55 यात्रियों को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख की रकम ली गई थी। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि बस को सीज कर दिया गया। यात्रियों को उनकी रकम वापस दिला दी गई है। यात्रियों के ठहरने खाने पीने की व्यवस्था कर दी गई है। बताया कि बस चालक के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।