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हरीश रावत का नो वर्क नो पे है सिर्फ दिखावा

Sun, 16 Feb 2014 12:51 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 16 Feb 2014 12:51 PM IST
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harish rawat become kind

उत्तराखंड को हड़ताली प्रदेश की छवि से बाहर निकाले का दम भरने वाले सीएम हरीश रावत भी कर्मचारियों के प्रति नरम पड़ गए हैं।

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बैकफुट पर आने की रिवायत
हड़ताली कर्मचारियों पर नो वर्क नो पे तो लागू करने के बाद फिर बैकफुट पर आने की रिवायत सीएम हरीश रावत ने भी जारी रखी है।

पूर्व सीएम विजय बहुगुणा कैबिनेट में नो वर्क नो पे को सख्ती से लागू करने का फैसला लेने के बाद उसको अमल में नहीं ला सके।

अब सीएम हरीश रावत ने नर्सों और पटवारियों को हड़ताल अवधि का वेतन जारी कर परंपरा को कायम रखा है। सीएम हरीश रावत ने शपथ लेने के बाद प्रदेश को हड़ताली प्रदेश की संज्ञा से निजात दिलाने के लिए राज्य कर्मचारियों से अपील की थी।

कर्मचारियों पर सख्ती करने से बच रहे
हड़तालों से निपटने के लिए हरीश ने कारगर कदम भी उठाए, लेकिन कर्मचारियों पर सख्ती करने से वह भी बच रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित करने वाले नर्सों के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भी पूर्व सीएम विजय बहुगुणा सख्ती करने से बचे।

बहुगुणा जिस नो वर्क नो पे को लागू कर गए थे उसे सीएम हरीश ने वापस ले लिया। पटवारियों को भी मंत्रिमंडल ने हड़ताल के दौरान की अवधि का वेतन देने का फैसला लिया। इससे पहले भी नो वर्क नो पे को सरकार कभी प्रभावी तरीके से लागू नहीं कर पाई।
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बहुगुणा मंत्रिमंडल ने किया था पारित
मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सीएम विजय बहुगुणा ने मंत्रिमंडल की बैठक में नो वर्क नो पे को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया।

सरकार ने इसका शासनादेश जारी किया, लेकिन उसके बाद से जितनी भी हड़तालें हुई आज तक किसी कर्मचारी की वेतन नहीं काटी।

होता है उपार्जित अवकाश में समायोजन
कर्मचारी हड़ताल के अधिकांश मामलों में नो वर्क नो पे लागू करने के बाद जब आंदोलनरत कर्मचारी संगठनों से समझौता होता है तो वेतन काटने के नाम पर हर बार उसे उपार्जित अवकाश में समायोजित कर देने पर सहमति के बनी है।
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नो वर्क नो पे का हाल
- आरक्षण पर मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की हड़ताल पर लागू नो वर्क नो पे आखिर में काटा गया वेतन उपार्जित अवकाश में समायोजित हुआ।
- राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन उपार्जित अवकाश में समायोजित कर दिया।
- कई दिन चले फार्मासिस्ट कार्यबहिष्कार पर आखिर में तीन दिन का काटा वेतन उपार्जित अवकाश में समायोजित कर दिया।
- एएनएम की चार माह चली हड़ताल अवधि का वेतन जारी करने का मंत्रिमंडल ने फैसला लिया।
- नर्सों की हड़ताल के दौरान एसमा तक लागू करने की संस्तुति हुई, लेकिन एसमा तो दूर अब नो वर्क नो पे को वापस ले लिया।

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