उत्तराखंड CM ने निकाला मोदी के हर 'हथियार' का तोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे इत्तेफाक ही कहेंगे कि लगातार तीन दिन (28-30 अगस्त) तीन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, डा. हर्षवर्धन और फिर प्रकाश जावड़ेकर बारी-बारी उत्तराखंड आए।
इस दौरान केंद्र से जुड़ी योजनाओं का शुभारंभ और घोषणाएं भी हुईं। केंद्रीय मंत्रियों की घोषणाओं का असर हल्का करने के लिए हरीश रावत सरकार ने भी उसी से मिलती-जुलती योजनाओं का खाका खींचा या फिर केंद्रीय योजनाओं पर सहमति जताकर उस पर अपना मुल्लमा चढ़ाने की कोशिश की है।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के शुभारंभ के मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन ने बैंक खाते के साथ एक लाख का बीमा और 26 जनवरी तक खाता खुलवाने वाले को 30 हजार रुपए के स्वास्थ्य बीमे की घोषणा की थी।
रावत ने तैयार की केंद्र के टक्कर की योजना
इसी के टक्कर में सीएम भी आपदा आदि से निपटने के लिए बीमा योजना घोषणा की है। इसमें प्रदेश के लोगों को जनहानि, पशुहानि और भवन आदि के नुकसान पर बीमा कवर दिया जाना है।
हालांकि मुख्यमंत्री खुद कहते हैं कि अभी इस पर आने वाले खर्च आदि का अनुमान लगाया जा रहा है। योजना बीपीएल के लोगों के लिए नि:शुल्क रहेगी लेकिन अन्य को मामूली रकम देनी होगी।
पीएम के भाषण में महिलाओं पर विशेष फोकस था। शायद उसी घोषणा का नतीजा रहा कि सीएम ने गर्भवती के सुरक्षित प्रसव की योजना को हरी झंडी दे दी है।
पहाड़ की गर्भवती को गर्भावस्था के अंतिम समय मैदान के विशेष वार्डों में लाकर रखा जाएगा और सुरक्षित प्रसव के बाद उन्हें वापस छोड़कर आने की योजना है।
दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को आमंत्रित किया
मुख्यमंत्री ने वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से उन्हीं योजनाओं पर हामी भरवा जटिल नियम कानूनों को लचीला करवाया जिनका ताल्लुक सीधे तौर पर पहाड़ के लोगों के जनजीवन से हैं।
सीएम ने केंद्रीय मंत्री ने पहाड़ में नदियों से चुगान पर लगी रोक हटवाने, जंगली जानवरों से सुरक्षा और जंगल की आग से सुरक्षा में उन्हें जोड़कर रोजगार मुहैया कराने जैसे फैसलों पर सहमति बनाने में सफल रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने देश भर के डॉक्टरों से अपील की है कि वह पहाड़ी इलाकों में गेस्ट डॉक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दें।
स्वास्थ्य मंत्री की अपील को भी सबसे पहले उत्तराखंड ने स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बाकयदा प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर मानवता की सेवा के लिए दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को आमंत्रित किया है।