Haridwar Ramlila: मंच पर बेटे का पांव नहीं उठा पाए पिता, दर्शकों को कायल बना देता है इनका अंदाज
रावण और अंगद के बीच रामलीला दरबार में होने वाले संवाद को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। यहां तीन साल से पिता रावण और बेटा अंगद बनकर आपस में बेहतरीन ढंग से लंका में हुए संवाद की घटना का नाटक पेश कर सबको अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं।
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स्कूल में बच्चों को ज्ञान बांटने वाले गुरुजी 20 साल से रामलीलाओं में भी अपने अभिनय से दर्शकों को कायल बनाते आ रहे हैं। उनका छात्र बेटा भी पिता की राह पर चलते हुए आठ साल से अपनी शानदार कलाकारी दिखा रहे हैं। रिश्ते में पिता-पुत्र रामलीला के रंगमंच पर तीन साल से रावण और अंगद के बीच होने वाले संवाद को करते आ रहे हैं।
लंकापति के दरबार में रावण और अंगद के बीच होने वाले संवाद लीला को दर्शक देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। हम बात कर रहे हैं ऋषिकुल नई बस्ती के रहने वाले मनोज सहगल की। दरअसल, मनोज पेशे से शिक्षक हैं। वह फिलहाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-29 मायापुर में प्रधानाध्यापक हैं, लेकिन इन्हें बच्चों को पढ़ाने के साथ ही रामलीला में अभिनय करने का भी पुराना शौक है।
इसलिए उन्होंने 20 साल पहले बड़ी रामलीला हरिद्वार से अभिनय शुरू करने के बाद आज तक पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस बार भी वह निरंजनी रामलीला मायापुर हरिद्वार में रावण और परशुराम, केवट की भूमिका निभा रहे हैं।
खास बात यह है कि उनके पुत्र डीएवी पब्लिक स्कूल के कक्षा 12वीं के छात्र निश्चय सहगल भी आठ साल से रामलीलाओं में कलाकार बनते आ रहे हैं। तीन साल से पिता रावण और बेटा अंगद बनकर आपस में बेहतरीन ढंग से लंका में हुए संवाद की घटना का नाटक पेश कर सबको अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं। इस बार भी दोनों का रावण व अंगद संवाद 22 अक्तूबर को पेश होने जा रहा है। जिसे देखने के लिए दर्शक लालायित हैं।
नहीं लेते कोई पैसा, पोशाक पर भी करते हैं अपना खर्च
मनोज सहगल और उनके पुत्र की ओर से रामलीला कमेटियों से अभिनय करने के नाम पर कोई खर्च नहीं लिया जाता है, बल्कि वह समय-समय पर कमेटियों के लिए सहयोग करते रहते हैं। वह अभिनय करने के लिए पोशाक का खर्च भी स्वयं उठाते हैं।
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रायवाला में भी देंगे रावण-अंगद संवाद की प्रस्तुति
मनोज सहगल और उनके पुत्र निश्चय सहगल का रावण-अंगद संवाद इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि उन्हें बाहर की रामलीलाओं में भी बुलाया जा रहा है। जिससे पिता-पुत्र देहरादून जिले के रायवाला के प्रतीत नगर में होने वाले रामलीला में दूसरे साल चार नवंबर को रावण-अंगद संवाद करने के लिए जाएंगे। अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर गुरुजी और उनका पुत्र अन्य कलाकारों के साथ ही घर पर भी रिहर्सल करते हैं।