फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Haridwar: Rakesh Tikait said in the three-day Kisan Maha Kumbh - will ask 11 questions to the government of 11

Haridwar:  तीन दिवसीय किसान महाकुंभ में बोले राकेश टिकैत-11 साल की सरकार से पूछेंगे 11 सवाल

Tue, 17 Jun 2025 12:31 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Jun 2025 12:31 AM IST
सार

राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा की ओर से सरकार के 11 साल पूरे होने पर अपनी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, मगर सच्चाई ये है कि इन 11 सालों में सरकार की नीतियां पूरी तरह से किसान के विरोध में रही हैं।

विज्ञापन
Haridwar: Rakesh Tikait said in the three-day Kisan Maha Kumbh - will ask 11 questions to the government of 11
राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की 11 साल की सरकार से किसानों के 11 सवाल पूछ जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार में किसानों के मुद्दे हाशिये पर हैं, सरकार की ओर से केवल व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

विज्ञापन


सोमवार को धर्मनगरी में भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय किसान महाकुंभ में शुरू हुए चिंतन शिविर में चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा की ओर से सरकार के 11 साल पूरे होने पर अपनी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, मगर सच्चाई ये है कि इन 11 सालों में सरकार की नीतियां पूरी तरह से किसान के विरोध में रही हैं। सरकार की ओर से किसानों को धीरे-धीरे खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसानों के आंदोलन के समय किए गए वादों को भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन


Uttarakhand: 17 संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में घोटाला, रिपोर्ट शासन में पहुंची, FIR कराने की तैयारी
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा कि देश में पूंजीपतियों की सरकार चल रही है। उन्हें लाभ पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, जबकि किसानों को अपनी फसलों का मूल्य भी नहीं मिल रहा है। कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में शुगर मिलों की ओर से किसानों के बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इकबालपुर शुगर मिल पर तो करोड़ों रुपये किसानों का वर्षों से बकाया चल रहा है।

हरियाणा के किसानों का भी करीब 50 करोड़ रुपये बकाया है। पर, सरकार की ओर से गन्ना भुगतान नहीं कराया जा रहा है। जिससे किसानों पर खेतीबाड़ी के लिए भी पैसा नहीं है। किसान भारी आर्थिक परेशानियों से जूझकर देश के लिए अन्न पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को एकजुट किया जाएगा, ताकि, किसानों की समस्याएं हल हो सकें।

इस मौके पर भाकियू के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री, उदय त्यागी, बोबी, जगवीर, दर्शन सिंह देव, पंकज राणा आदि मौजूद रहे।

चिंतन शिविर में समस्याओं पर मंथन
चिंतन शिविर के पहले दिन सोमवार को पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। मंथन करने के बाद समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। जिनमें किसानी से जुड़ी जमीनी समस्याएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, बिजली के निजीकरण, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, दूध उत्पादक किसानों की दिक्कतें, भूमिहीन हो रहे किसानों की स्थिति और औद्योगीकरण के नाम पर कृषि भूमि का अधिग्रहण के मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। मंगलवार को प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिन्हें सरकार को बुधवार को भेजा जाएगा।

वीआईपी घाट और लालकोठी पर कब्जा
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के किसान महाकुंभ में पहुंचे देशभर के किसानों की ओर से वीआईपी घाट और लालकोठी पर कब्जा कर लिया गया। किसानों की ओर से अपने टैंट, तंबू गाड़ दिए गए हैं। इनमें किसानों की बैठेंगे चल रही हैं। किसानों की ओर से खाना-पीना बनाया जा रहा है। जिससे वीआईपी घाट भी पूरी तरह से फ्री हो चुका है। जिससे किसी को वीआईपी घाट पर पहुंचने के लिए कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed