फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   haridwar news : Aatmabodhananand will sit on tapasya from today in Matrasadan

हरिद्वार : मातृसदन में आज अनिश्चितकालीन पर अनशन पर बैठे आत्मबोधानंद, ये हैं प्रमुख मांगें

Tue, 23 Feb 2021 12:18 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 23 Feb 2021 12:18 PM IST
विज्ञापन
haridwar news : Aatmabodhananand will sit on tapasya from today in Matrasadan
संत आत्मबोधानंद - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

गंगा रक्षा से जुड़ी चार मांगों को लेकर मातृसदन के बह्मचारी आत्मबोधानंद ने हरिद्वार में मंगवार को अनशन शुरू कर दिया। मांग पूरी न होने तक वह अनिश्चितकाल के लिए अनशन पर रहेंगे। बह्मचारी आत्मबोधानंद की उम्र करीब 26 साल है। बांध, खनन परियोजना बंद करने, पांच किमी की दूरी पर स्टोन क्रशर की अनुमति और गंगा भक्त परिषद की मांग को लेकर वह अनशन कर रहे हैं।

विज्ञापन


ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 23 फरवरी से ज्ञान स्वरूप सानंद की मांगों को पूरा कराने के लिए तपस्या शुरू करने की घोषणा की थी। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि अगर सानंद की मांगें मान ली जातीं तो चमोली त्रासदी नहीं होती। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें... ऋषिगंगा जल प्रलयः आपदा के 17वें दिन मंगलवार को सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का काम जारी
विज्ञापन
विज्ञापन


हरिद्वार स्थित मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि प्रो. ज्ञान स्वरूप सानंद की मांगें मान ली जातीं तो आज चमोली त्रासदी नहीं होती। उन्होंने इस मामले की एसआईटी जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

परमाध्यक्ष ने कहा कि प्रोफेसर सानंद की चार मांगों मंदाकिनी, अलकनंदा, भागीरथी और उनकी सहायक नदियों पर बनने वाले सभी प्रस्तावित और निर्माणाधीन बांधों को निरस्त करने, रायवाला से राय घटी तक खनन बंदी का नोटिफिकेशन, गंगा से पांच किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर को करने के अलावा गंगा भक्त परिषद बनाने की मांग को लेकर तपस्या की और अपने प्राण त्याग दिए थे। उनकी मांगों को क्रियान्वित करने के लिए दोबारा तपस्या शुरू की जा रही है। 

चमोली आपदा से सबक ले सरकार, गैरसैंण का भी कराए भूगर्भीय सर्वे

वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने चमोली आपदा से सबक लेकर गैरसैंण का भी भूगर्भीय सर्वे करने और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की है।

चमोली आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद सोमवार को मीडिया से मुखातिब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चमोली आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में सरकार और एनटीपीसी के बीच तालमेल का अभाव दिखाई दे रहा है। बचाव का पूरा अभियान ही विफल रहा।


रेस्क्यू वहां किया गया जहां सिर्फ 74 लोग फंसे थे, लेकिन वहां नहीं किया गया जहां काम करने वाले अधिक लोग थे। किशोर ने कहा कि चमोली आपदा के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं।

सभी निर्मित और निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं का सर्वे होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह आपदा से सबक लेकर गैरसैंण का भी भूगर्भीय सर्वे कराए और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed