Maha Kumbh Mela 2021: मकर संक्रांति का स्नान ही तय करेगा कुंभ का स्वरूप
- स्नान पर्व को लेकर कोई कोताही नहीं बरता चाहता प्रशासन
- पर्व में कोई कमी रहती है तो उसे कुंभ से पहले सुधाने की रहेगी कोशिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मकर संक्रांति पर्व के स्नान को कुंभ मेले का अभ्यास स्नान माना जा रहा है। ऐसे में कुंभ मेला, पुलिस और जिला प्रशासन भी स्नान पर्व को लेकर कोई कोताही नहीं बरता नहीं चाहता। इस स्नान में यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे कुंभ के स्नान से पहले सुधारने की कोशिश की जाएगी।
अधिकृत रूप से हरिद्वार कुंभ का आगाज अभी नहीं हुआ है, लेकिन यदि परंपरा की बात करें तो आज यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति का दिन हरिद्वार में होने वाला गंगा स्नान ही कुंभ का स्वरूप तय करेगा। कोविड के साये में हो रहे इस पहले कुंभ में यदि आज गंगा स्नान में कोई बाधा नहीं हुई तो तय मानिये कि इस बार का कुंभ भी पहले के कुंभ की तरह भव्य और विराट होगा। सरकार के निर्देश पर मेला प्रशासन ने तैयारी भी कुछ इसी तरह से की है।
यह भी पढ़ें: Makar Sankranti 2021: ये है गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त, इस समय दान करना होगा बेहद लाभकारी
हरिद्वार कुंभ 2021 का नोटिफिकेशन अभी नहीं हुआ है। इसके बावजूद कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है और इसी दिन को पारंपरिक तौर पर कुंभ का आगाज माना जाता है। हरिद्वार जिला पुलिस और मेला प्रशासन व मेला पुलिस इस बात को अच्छी तरह समझते हैं। यही कारण है कि मकर संक्रांति के स्नान की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा का फुल प्रूफ प्लान तैयार किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर
मकर संक्रांति पर्व के स्नान पर सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर परखा जाएगा। यदि इस दौरान कोई कमी मिलती है तो उसे कुंभ से पहले दुरुस्त कर लिया जाएगा। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मेला क्षेत्र में भीड़ को काबू करना चुनौती
स्नान पर्व के अवसर पर भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए बैरीकेडिंग की गई है। वहीं आधुनिक कंट्रोल रूम से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी। जिस क्षेत्र में भीड़ अधिक होगी। उस क्षेत्र की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वहां तैनात पुुलिसकर्मियों को तुरंत आदेश दिए जाएंगे।