कुंभ 2021ः कुंभ में कोरोना फैलने की आशंका, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर किया आगाह
हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण न फैले इसे लेकर अब केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने मेले के दौरान संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।
Coronavirus in Uttarakhand : कोविड संक्रमित क्षेत्रों से देहरादून आने वालों की होगी रैंडम सैंपलिंग
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि उत्तराखंड दौरे पर गई उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम द्वारा कुंभ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर चिंता जाहिर की गई है।
इस बारे में उत्तराखंड के मुख्य सचिव को लिखा गया है। जिसमें उन्होंने उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम द्वारा उठाई गई चिंता को खास तवज्जो दी है। उन्होंने लिखा है कि कुंभ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्य कदम उठाए जाने की आवश्यक्ता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार में हर दिन 10-20 तीर्थयात्री और 10-20 स्थानीय लोग कोरोना पॉजिटिव बताए जा रहे हैं। राज्य को सूचित किया गया है कि हरिद्वार में प्रतिदिन की जाने वाली कोराना जांच पर्याप्त नहीं हैं।
Health Secy Rajesh Bhushan has written to Uttarakhand Chief Secretary strongly highlighting the concerns raised by the high-level central team in its visit to Uttarakhand and about the need for stringent measures to control the spread of COVID19 during Kumbh Mela: Govt of India
— ANI (@ANI) March 21, 2021
‘जो चाहे, वो आए’...फैसले के सामने चुनौती
केंद्रीय सचिव के इस पत्र से प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की ओर से ‘जो चाहे, वो आए’ की योजना के सामने चुनौती उठ खड़ी हुई है। प्रदेश सरकार भव्य कुंभ आयोजन के तहत अधिक रोक टोक पर विश्वास नहीं कर रही है। सचिव के पत्र से साफ है कि आने वालों को कोविड रिपोर्ट लेकर आनी होगी और बहुत अधिक संख्या में कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार की ओर रुख नहीं किया जा सकेगा।
अभी बना हुआ है संशय
महाकुंभ पंजीकरण के लिए कुंभ मेला प्रशासन आरोग्य एप डाउनलोड करने, 72 घंटे की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लाने का निर्देश जारी कर चुका है। दूसरी तरफ, प्रदेश सरकार कोविड नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी न होने का संकेत दे रही है।
अभी यह शाही स्नान होने बाकी
12 अप्रैल-सोमवती अमास्वस्या
14 अप्रैल-बैसाखी, मेष पूर्णिमा
27 अप्रैल-चैत्र पूर्णिमा
28 लाख आए थे पिछले शाही स्नान में
हरिद्वार महाकुंभ की अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने कुंभ की अवधि एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक रखने का फैसला किया है।
मरीज आए तो फैलेगा संक्रमण
केंद्रीय सचिव के पत्र के मुताबिक देश के 12 से अधिक राज्यों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान कोविड-19 के मामलों में उछाल आया है। इन राज्यों से तीर्थयात्रियों के कुंभ के दौरान हरिद्वार आने की संभावना भी है। ऐसा हुआ तो कुंभ मेले के दौरान शाही स्नान के बाद स्थानीय जनसंख्या में कोविड-19 के मामलों में उछाल आएगा।
कुंभ के दौरान तेजी से बढ़ेंगे मामले: एनसीडीसी
एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) के मुताबिक प्रतिदिन 10-20 तीर्थयात्री और 10-20 स्थानीय लोग कोविड-19 से संक्रमित हो रहे हैं। इस संक्रमण दर से कुंभ के दौरान कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने की आशंका है। कुंभ मेले के दौरान स्थिति काफी बिगड़ सकती है। हरिद्वार में प्रतिदिन 50,000 रैपिड एंटीजेन टेस्ट और 5,000 आरटीपीसीआर परीक्षण पर्याप्त नहीं हैं। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आए तो यह नाकाफी साबित होगा। एनसीडीसी के निदेशक के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम ने 16 -17 मार्च, 2021 को उत्तराखंड का दौरा किया था।
केंद्रीय सचिव ने यह दिए हैं सुझाव
1. तीर्थयात्रियों और स्थानीय जनसंख्या का उचित रूप से परीक्षण किया जाए। आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्तमान में आरटीपीसीआर परीक्षण बढ़ाया जाए।
2. मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन करें।
3. स्थानीय लोगों को खुद ही रिपोर्टिंग करने के लिए जागरूक करें।
4. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में प्रारंभिक चेतावनी के लिए व्यवस्था की जाए।
5. संभावित उच्च संचरण क्षेत्रों में परीक्षण बढ़ाया जाए।
5. पवित्र स्नान से पहले और बाद में फ्रंटलाइन श्रमिकों का परीक्षण जारी रखा जाए।
6. गंभीर रोगी की देखभाल और उपचार सुविधाओं की व्यवस्था।
7. मीडिया का उपयोग करके प्रभावी जोखिम संवाद बनाया जाए।
8. कोविड के मामले बढ़ते हैं तो एनसीडीसी से सलाह लेकर जीनोम सिक्यूवेंसिंग की जाए।