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हरिद्वार : गौरवमयी इतिहास है हिंदी पत्रकारिता का - अवधेशानंद गिरि
Sat, 30 May 2020 06:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 30 May 2020 06:39 PM IST
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अवधेशानंद गिरि महाराज
- फोटो : File Photo
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जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का गौरवमयी इतिहास है। पत्रकारों ने हर दौर में चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से काम किया। कोरोना संक्रमण के बीच भी पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
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स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज प्रेस क्लब की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दौर प्रिंट मीडिया से निकलकर इलेक्ट्रॉनिक और उससे भी आगे सोशल मीडिया तक पहुंचा है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सोशल मीडिया पर अनुशासन थोड़ा कम दिखाई देता है।
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उन्होंने खबरों के प्रति विविधता, तथ्यपरकता और विश्वसनीयता बनाए रखने की बात कही। विशिष्ट अतिथि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पत्रकारिता हमेशा जागरूकता के लिए अपनी भूमिका निभाती रही है। चाहे कोई भी दौर हो हमारे पत्रकारों ने हमेशा अपने दायित्वों को बखूबी निभाया। विश्वसनीयता की प्रतिष्ठा का ही परिणाम है कि हिंदी पत्रकारिता के पाठकों की संख्या करोड़ों में है।
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प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर जायसवाल और प्रो. पीएस चौहान ने कहा कि नई पीढ़ी इस गौरवमयी इतिहास से प्रेरणा लेगी। वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखौला और डॉ. सुशील उपाध्याय ने भी मौजूदा दौर में पत्रकारिता की चुनौतियां और उनसे सबक लेते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दी। तिब्बत की निर्वासित सरकार के उपसभापति धर्मगुरु दलाई लामा के करीबी रहे आचार्य येसी ने भी अपना संदेश भेजकर पत्रकारिता की महत्ता बताई।
गोष्ठी में आदेश त्यागी, बृजेंद्र हर्ष, अविक्षित रमन, दीपक नौटियाल, बालकृष्ण शास्त्री, रामेश्वर दयाल शर्मा, त्रिलोकचंद भट्ट, अमित शर्मा, संजय आर्य, सुनील दत्त पांडे, प्रवीण झा, धर्मेंद्र चौधरी, मुदित अग्रवाल, राहुल वर्मा, रुपेश वालिया, विकास चौहान, अश्विनी अरोड़ा, राजकुमार, देवेंद्र शर्मा, मनोज रावत, सुदेश आर्य, नरेश दीवान शैली, शिवा अग्रवाल, मेहताब आलम आदि मौजूद रहे। संचालन प्रेस क्लब के महासचिव महेश पारीक ने किया।