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Haldwani: सफाई कर्मियों ने निकाली मेयर के पुतले की शवयात्रा, पार्षद ने कराया मुंडन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
Tue, 29 Nov 2022 09:40 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 29 Nov 2022 09:40 PM IST
सार
संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में चार संगठनों के पदाधिकारी नौ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों ने सितंबर में हुए आंदोलन के बाद 31 अक्तूबर तक की मोहलत मांगी थी।
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मेयर के पुतले की शव यात्रा निकाली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हल्द्वानी नगर निगम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए संयुक्त मोर्चा के सफाई कर्मियों ने मेयर के पुतले की शवयात्रा निकालकर आक्रोश जताया। रामलीला मैदान से शुरू हुई रैली तिकोनिया होते हुए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने संपन्न हुई। इसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने पुतला दहन किया। चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।
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संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में चार संगठनों के पदाधिकारी नौ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों ने सितंबर में हुए आंदोलन के बाद 31 अक्तूबर तक की मोहलत मांगी थी। अक्तूबर बीतने के बाद भी नगर निगम शासनादेश के हिसाब से पर्यावरण मित्रों को 500 रुपये प्रतिदिन का मानदेय नहीं दे रहा है।
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हड़ताल के बाद भी मांगे नहीं माने जाने पर संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी मंगलवार सुबह 11 बजे रामलीला मैदान में एकत्र हुए। उन्होंने सैकड़ों की संख्या में यहां से मेयर के पुतले की शवयात्रा निकाली जो तिकोनिया चौराहे से घूमकर वापस सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने पहुंची। इस दौरान उन्होंने मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पुतले का दाह संस्कार किया। साथ ही चेतावनी दी कि मांगे नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह, प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार राजौर, रोहित टांक, अशोक राज, सुनील चौधरी, नेहा, रीना, सचिन भारती, अमन मसीह, बबलू, प्रशांत, शिवम पाल, आदेश कुमार सहित कई सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
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पार्षद ने सफाई कर्मियों की मांग पर कराया मुंडन
मेयर के पुतले के दाह संस्कार से पहले पार्षद रोहित कुमार ने मुंडन कराया और पुतले को आग के हवाले किया। रोहित ने आरोप लगाया कि मेयर शासनादेश के बाद भी सफाई कर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दे रहे हैं। कहा कि वह सफाई कर्मियों के साथ मांग पूरी न होने तक साथ रहेंगे।
संयुक्त मोर्चा ने डीएम को भेजा पत्र
सफाई कर्मियों के संयुक्त मोर्चा ने डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि उन्होंने वाहनों को बंधक बनाया हुआ था और सफाई को लेकर उन्होंने मारपीट भी की। कहा कि ये आरोप निराधार हैं। सफाई कर्मचारी संघ इसका विरोध करता है। प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह और रामअवतार राजौर ने कहा कि आंदोलन के दौरान सफाई कर्मी कोई भी हिंसक प्रदर्शन नहीं करेंगे।
ये हैं मांगें
बढ़ा हुआ मानदेय देने, नगर निगम में ठेका प्रथा समाप्त करने, यातायात नगर में कार्यरत सफाई कर्मियों को निगम में शामिल करने, चालक के रूप में कार्य कर रहे सभी कर्मियों को चालक के समान वेतन देने, बैंणी सेना की व्यवस्था समाप्त करने और मैजिक निजी डोर टू डोर को नगर निगम में विलय करने आदि मांगें शामिल हैं।
लोकतंत्र में यूनियन को अपनी मांगों के लिए अधिकार प्राप्त हैं। शासनादेश होने के उपरांत बढ़ा हुआ मानदेय निगम बोर्ड फंड से ही दिया जाना है जोकि वर्तमान बोर्ड फंड की स्थिति से भुगतान कर पाना संभव नहीं है। मानदेय बढ़ने से अतिरिक्त व्यय भार लगभग नौ करोड़ रुपये सालाना हो रहा है। हमने शासन को इस बात से अवगत करा दिया है। जल्द ही समाधान होगा। कुछ मांगें उचित प्रतीत नहीं होती हैं। मैं जनहित में सफाई कर्मियों से तत्काल हड़ताल खत्म करने का अनुरोध करता हूं। जहां तक पुतला दहन और शव यात्रा निकालने की बात है, इससे राजनीतिक आयु और जैविक आयु बढ़ती है। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद करता हूं।
- जोगेंद्र रौतेला मेयर नगर निगम।