अमर उजाला एक्सक्लूसिव: कोरोना का असर, दोगुना महंगा हुआ हज यात्रा का सफर
- हज कमेटी ने जारी किया प्रस्तावित खर्च, पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी बदलाव
- कोरोना के चलते हाजियों को को यात्रा पर जाने से 72 घंटे पहले कराना होगा कोरोना टेस्ट
- गर्भवती और दिल, किडनी, लीवर के बीमारों के हज यात्रा पर जाने पर लगा प्रतिबंध
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दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी की वजह से इस साल तो हज यात्रा नहीं हो पाई लेकिन अगले साल की हज यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बीच कोविड के नियमों का पालन करने की वजह से हज यात्रा का खर्च करीब दो गुना तक हो गया है।
हज कमेटी ने हज 2021 का संभावित खर्च जारी कर दिया है, जल्द ही अंतिम जानकारी जारी की जाएगी। हज के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच हज कमेटी ने सभी राज्यों की हज समितियों को गाइडलाइंस भेज दी हैं।
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हज कमेटी उत्तराखंड से मिली जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 की वजह से अगले साल जून-जुलाई में होने वाली हज यात्रा के नियमों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष शमीम आलम के मुताबिक हज आवेदन से पहले सभी नियमों को भलीभांति समझ लें।
3.70 लाख से 5.25 लाख तक देना होगा
जहां 2019 में हाजी को 2.36 लाख से 3.22 लाख का खर्च करना पड़ा था, वहीं 2020 की हज यात्रा के लिए यह खर्च 2.50 लाख से 3.50 लाख तय किया गया था। हालांकि, कोविड-19 की वजह से हज यात्रा नहीं हो पाई थी और सभी आवेदकों को उनका पैसा लौटा दिया गया था। इस साल हज यात्रा के लिए यात्रियों को 3.70 लाख रुपये 5.25 लाख रुपये तक खर्च करने होंगे। इतना महंगा सफर होने के पीछे कोविड को ही माना जा रहा है।
हज कमेटी के मुताबिक, एक हजार को इस बार चार स्क्वायर फीट के बजाय नौ स्क्वायर फीट जगह रहने के लिए दी जाएगी। यानी ज्यादा जगह की जरूरत होगी। सऊदी सरकार ने वैट की दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। वीजा फीस भी इस साल से लागू कर दी गई है। दूसरी ओर, सऊदी में इस बार कोविड-19 की वजह से बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, जिस वजह से अधिक किराया देना पड़ेगा। इस बार एक बस में एक जगह से दूसरी जगह 45 के बजाए 15 यात्री ही सफर करेंगे। इस वजह से किराये का खर्च तीन गुना अधिक होगा। शमीम आलम के मुताबिक, फिलहाल अनुमानित खर्च जारी किया है, जल्द ही अंतिम जानकारी जारी की जाएगी।
यात्रा से तीन दिन पहले कराना होगा कोरोना टेस्ट
हज यात्रा पर जाने के 72 घंटे पहले यात्री को कोरोना का टेस्ट कराना होगा। अगर कोविड टेस्ट पॉजिटिव आ गया तो वह यात्री हज यात्रा पर नहीं जा पाएगा। कोविड की वजह से हज की अवधि भी 40 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की कर दी गई है। कोरोना की वजह से ही गर्भवती महिलाओं, कैंसर, लीवर, किडनी, दिल की बीमारी आदि से जूझ रहे लोगों के हज यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हज आवेदन निरस्त करने पर कटेगा पैसा
हज यात्रा के लिए चयनित होने के बाद अगर कोई यात्री अपना आवेदन निरस्त करना है तो उसके लिए पैसा देना होगा। 31 मार्च तक आवेदन निरस्त करने पर 1000 रुपये, एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक निरस्त करने पर 5000 रुपये काटे जाएंगे। फ्लाइट के दिन मौके पर न पहुुंचने या फ्लाइट मिस करने वालों को कम से कम 25 हजार रुपये या एक तरफ का हवाई जहाज के किराये के बराबर जुर्माना देना होगा।
वजन ले जाने की सीमा भी घटाई
कोविड की वजह से हज कमेटी ने यात्रियों को वजन ले जाने की सीमा भी घटा दी है। अभी तक यात्री 22-22 किलो के दो बैग के अलावा 10 किलो का एक बैग कैरी कर सकता था। इस बार की हज यात्रा में 20-20 किलो के दो बैग के अलावा सात किलो का एक केबिन बैग कैरी किया जा सकता है।