गुरेज एनकाउंटर: शहीद मनदीप ने शहादत से पहले फोन पर मां से कहा कुछ ऐसा सुनकर भर आएगा दिल
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उत्तराखंड में कोटद्वार के शिवपुर निवासी बूथी सिंह और मां सूमा देवी को क्या पता था कि मंगलवार को उनके लिए एक बुरी खबर आने वाली है। सोमवार शाम ही उनकी अपने बड़े बेटे मनदीप से फोन पर बात हुई थी।
उसने सकुशल होने की जानकारी दी। मां से बात करते हुए उसने जल्द छुट्टी लेकर आने की बात कही।
आमतौर पर मनदीप एक हफ्ते में दो या तीन बार फोन कर अपनी सकुशलता की जानकारी दे देता था, लेकिन सोमवार को उसने दो बार सुबह और शाम फोन किया। मां को क्या मालूम था कि सोमवार शाम को उनकी बेटे से आखिरी बार ही बात हो रही है।
मनहूस खबर से घर में कोहराम मच गया
मंगलवार सुबह सेना के अधिकारियों की ओर से 38वीं राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात राइफलमैन मनदीप सिंह रावत के शहीद होने की खबर परिजनों को लगी। मनहूस खबर से घर में कोहराम मच गया।
पूर्व सैनिक पिता बूथी सिंह और मां सूमा देवी की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। वह बिलखकर रोने लगे।
उनके रोने की आवाज सुनकर आसपड़ोस के लोग घर पर पहुंचे तो वे भी शोक मग्न हो गए। पड़ोसियों का कहना है कि दो महीने पहले मनदीप छुट्टी काटकर जम्मू और कश्मीर अपनी बटालियन में लौटा था।
आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद होने पर गर्व
पिता बूथी सिंह को जहां अपने बहादुर बेटे के आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद होने पर गर्व है, वहीं बेटे को हमेशा के लिए खो देने का दर्द भी साफ झलकता है।
शहीद मनदीप के मौसा सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि घर वाले उसकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। परिजन जहां बेटे की शादी के सपने देख रहे थे, वहीं इस बीच उसके शहीद होने की खबर से उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वह बताते हैं कि शहीद का छोटा भाई सुदीप भी सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा में जुटा है, लेकिन मां का अपने बड़े बेटे से अधिक लगाव था। घर पर नाते-रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया है। लोग परिजनों को ढांढ़स बंधा रहे हैं। बताया कि सेना की ओर से शहीद का पार्थिव शरीर बुधवार तक कोटद्वार पहुंचने की जानकारी दी गई है।