पोते की मौत की खबर सुन दादी ने दे दी जान
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सुमाड़ी भरदार के निकट सेमा गांव में पसरा सन्नाटा और लोगों के मायूस चेहरे साकनीधार बस हादसे का शिकार हुए देवेंद्र सिंह की असमय मौत की कहानी बयां कर रहे हैं।
देवेंद्र की दादी पित्री देवी उसकी मौत की खबर सुनते ही चल बसी। सूर्यप्रयाग घाट पर दादी और पोते की चिता एक साथ जली।
दादी और पोते की एक साथ जलती चिता देख सबकी आंखे नम थीं।
बस दुर्घटना में हुई थी पोते की मौत
जखोली तहसील के सेमा गांव के 24 वर्षीय देवेंद्र की साकनीधार में हुई बस दुर्घटना में हो गई थी।
बुधवार को देवेंद्र की मौत की सूचना गांव पहुंचने पर परिजनों में हाहाकार मच गया। देवेंद्र की 73 वर्षीय दादी इस गम को सहन नहीं कर सकी और बुधवार को उनका निधन हो गया।
बुधवार शाम को सूर्य घाट पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
पिता की भी हो चुकी है मौत
दादी-पोते की चिता जलते देख लोगों के आंसू आ गए। एक तरफ दादी और दूसरी तरफ बडे़ भाई की मौत का गम सह रहे 21 वर्षीय भगवान सिंह तो असमंजस की स्थिति में है।
उसे समझ में नहीं आ रहा है यह क्या हुआ। मृतक के परिजन राम सिंह ने बताया कि देवेंद्र के पिता का छह वर्ष पूर्व निधन हो गया था। अब बड़े बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।