ब्लैकमेलिंग के आरोपियों पर भी कृपा कर गए कुरैशी
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जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में एक बार फिर नया मोड़ आ गया। राज्यपाल अजीज कुरैशी जाते जाते ब्लैकमेलिंग के आरोपियों आरिफ और अवनी सिन्हा पर से मुकदमा वापसी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख गए हैं। जबकि इन दोनो आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की के आदेश हैं।
आरोपी आरिफ के पिता ने राज्यपाल को दिए प्रार्थनापत्र में इस मुकदमे को झूठा बताते हुए इसकी वापसी के लिए निवेदन किया था। कुरैशी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को दिसंबर में पत्र लिखकर इस पर कार्रवाई के लिए कहा है।
वहीं मुख्यमंत्री ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा वापसी पर विचार करते हुए अभियोजन से एफआईआर और आरोपपत्र सहित आख्या मांगी है।
जानिए, क्या था पूरा मामला
एक युवती की शिकायत पर उत्तराखंड के तत्कालीन अपर सचिव गृह जेपी जोशी और युवक कांग्रेस की नेता रितु कंडियाल के खिलाफ 22 नवंबर, 2013 को दिल्ली के पांडव नगर में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद जेपी जोशी ने पीड़ित युवती सहित अन्य के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए देहरादून के बसंत विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस पर पुलिस ने पीड़ित युवती, तत्कालीन संयुक्त सचिव सुमन सिंह वल्दिया, नीरज चौहान, संजय बनर्जी, अनिल गर्ग व साइनी मेक को गिरफ्तार किया था। जबकि जेपी जोशी और रितु कंडियाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
दोनों पक्षों के ये आरोपी पिछले एक साल से अधिक समय से जेल में हैं। ब्लैकमेलिंग वाले मामले की जांच में पुलिस ने आरिफ और अवनी सिन्हा को भी आरोपी पाया। पर ये अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट और कुर्की के आदेश हो चुके हैं। इससे पहले कि पुलिस इन दोनो के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करती, शासन ने पूरे प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी थी।
वल्दिया से भी मुकदमा वापसी की तैयारी
इस मामले में अन्य आरोपी सुमन सिंह वल्दिया (निलंबित संयुक्त सचिव) के खिलाफ भी मुकदमा वापसी की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि शासन से उनके मामले में भी आख्या मांगी गई है।