{"_id":"623e109ccc7d511d140cd77b","slug":"government-should-also-look-at-the-roads-giving-pain-to-the-city-city-news-drn407308760","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की दर्द दे रही सड़कों पर भी नजर डालिए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की दर्द दे रही सड़कों पर भी नजर डालिए सरकार
विज्ञापन
आढत बाजार लक्खीबाग चौकी के समीप की मुख्य सड़क के बीच में बने गड्डे से बचकर निकलते वाहन।---संवाद फो?
- फोटो : DEHRADUN
स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में कछुआ गति से चल रहे कार्यों से सड़कों का बुरा हाल है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। कई जगह पूरी की पूरी सड़क की हालत जर्जर है। आए दिन इन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। कई पैदल यात्री भी इन सड़कों पर हादसों से चोटिल होते हैं। स्मार्ट सिटी की यह सड़कें आमजन को दर्द दे रही हैं। इससे देश विदेश से आने वाले पर्यटकों में राजधानी दून की छवि भी खराब हो रही है। आम जन की इस पीड़ा को देखते हुए अमर उजाला लगातार अभियान चला रहा है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने शहर की विभिन्न सड़कों का जायजा लिया। टीम ने देखा कौन सड़क कहां टूटी हुई है और कहां-कहां कितने छोटे-बड़े गड्ढे हैं।
लालपुल से आईएसबीटी तक 10 जगह जगह जर्जर है सड़क
लालपुल से आईएसबीटी तक लगभग 10 जगह छोटे-बड़े गड्ढे हैं। इनमें कुछ जगह सड़क टूटी और जर्जर हालत में भी है। खोदी हुई सड़क के कारण लोग धूल-मिट्टी से परेशान हो रहे हैं। इससे पैदल यात्रियों से लेकर वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। चौपहिया के साथ ही दोपहिया वाहन चालक भी गड्ढो में झटका खा रहे हैं। सहारनपुर रोड पर लालपुल (पटेलनगर) से आईएसबीटी तक वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है। यहां पुल पार करने के साथ ही सड़क की खोदाई शुरू हुई है। जीआरडी एकेडमी के लिए जाने वाले सड़क भी खुदी है। उसके बाद आईएसबीटी फ्लाइओवर तक बाईं तरफ सड़क की खोदाई की मिट्टी बिखरी हुई है। दिनभर यहां मिट्टी और धूल उड़ती रहती हैै। इससे आसपास के दुकान भी परेशान हो रहे हैं। विशेषकर ढाबा, रेस्त्रां संचालकों को परेशान होना पड़ रहा है। धूल से उनका खाना खराब हो रहा है, जिससे बचाव के लिए उन्हें जुगाड़ करने पड़ रहे हैैं।
सड़क पर कुछ समय पहले ही तारकोल किया गया है। इससे ज्यादातर गड्ढ़े खत्म हो गए हैं। हालांकि फोर्ड शोरूम के सामने, शिमला बाईपास चौक, आईएसबीटी फ्लाइओवर के नीचे सड़क पर छोटे-छोटे गड्ढ़े बने हुए है। उसका तारकोल और रोड़ी भी उखड़कर बिखरी हुई है।
विज्ञापन
- गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक 70 गड्ढे -वीआईपी सड़क माने जाने वाली गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक सबसे ज्यादा 70 गड्ढे हैं। जिससे लोगों की दिक्कत बहुत बढ़ी रहती है। यहां बरसात में समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीवर लाइन के कार्य की वजह से भी यहां सड़क खोदी गई थी। लेकिन सड़क को दुरुस्त करने के नाम पर गंभीरता से कार्य नहीं हो रहा है।
: कैंट रोड शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। इस मार्ग पर दिन रात आवागमन बना रहता है। वीआईपी भी रोज इस सड़क से आते हैं। महीने भर पहले पानी की लाइन के लिए खोदी गयी सड़क अभी तक नहीं बनी। हालत ये है कि सड़क पर तालाब जैसे गड्ढे हो गए हैं। जिसकी वजह से सड़क पर रोजाना दुर्घटना की सम्भावना रहती है। नरेंद्र कुमार अग्रवाल, व्यापारी, गढी़कैंट
: गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक सड़क का बुरा हाल है। कई बार दुपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। जबकि चार पहिया वाहनों के पानी से निकलने के कारण वहां से जाने वाले लोगों के कपड़ों पर छींटे पड़ने से खराब हो जाते हैं। इतना ही नहीं दिन भर जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। योगेंद्र क्षेत्री, व्यापारी, गढ़ी कैंट
लाल पुल से द्रोण होटल तक सात जगह है दिक्कत -
लालपुल (पटेलनगर) से द्रोण होटल तक भंडारी बाग तिराहा, दर्शनी गेट रोड, आढ़त बाजार, रेलवे स्टेशन के सामने गांधी रोड, प्रिंस चौक, प्रिंस चौक व द्रोण होटल के बीच गांधी रोड पर जगह-जगह छोटे बड़े गड्ढे हैं और सड़क की हालत जर्जर है।
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल तक हैं 15 से अधिक गड्ढे-
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल तक 15 से अधिक जगह सड़क जर्जर है और छोटे बड़े गड्ढे हैं। कचहरी की तरफ जाने वाली सड़क के तिराहे, सीएमआई चौक के समीप, आराघर चौक, धर्मपुर, नेहरू कालोनी जाने वाली सड़क पर हरिद्वार रोड, एलआईसी के समीप, शेरवुड स्कूल के समीप, लाइफलाइन अस्पताल के समीप समेत 15 जगह सड़कों की हालत जर्जर और गड्ढे हैं।
लालपुल से कारगी चौक तक पानी भरे गड्ढे बने हैं परेशानी -
लालपुल पटेलनगर से कारगी चौक तक भी सड़क बहुत बुरे हाल में हैं। जगह-जगह निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। वहीं, कहीं गड्ढे हैं तो कई सड़क टूटी हुई है। इस सड़क पर करीब 10 जगह यह स्थिति है। कुछ जगह गड्ढों में सीवर का पानी भी भरा रहता है। जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
शहर में विभिन्न कार्यों की वजह सड़कें खोदी गई थी। कई जगह अब भी सड़कों की खुदाई का कार्य चल रहा है। सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। जहां सड़कों पर गड्ढे और सड़की टूटी है वहां गड्ढों को भरने और पैचवर्क का काम भी तेजी से चल रहा है। सभी संबंधित विभागों को समन्वय कर गुणवत्तापरक और तेजी से कार्य करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।- डॉ. आर. राजेश कुमार जिलाधिकारी
विज्ञापन
लालपुल से आईएसबीटी तक 10 जगह जगह जर्जर है सड़क
लालपुल से आईएसबीटी तक लगभग 10 जगह छोटे-बड़े गड्ढे हैं। इनमें कुछ जगह सड़क टूटी और जर्जर हालत में भी है। खोदी हुई सड़क के कारण लोग धूल-मिट्टी से परेशान हो रहे हैं। इससे पैदल यात्रियों से लेकर वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। चौपहिया के साथ ही दोपहिया वाहन चालक भी गड्ढो में झटका खा रहे हैं। सहारनपुर रोड पर लालपुल (पटेलनगर) से आईएसबीटी तक वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है। यहां पुल पार करने के साथ ही सड़क की खोदाई शुरू हुई है। जीआरडी एकेडमी के लिए जाने वाले सड़क भी खुदी है। उसके बाद आईएसबीटी फ्लाइओवर तक बाईं तरफ सड़क की खोदाई की मिट्टी बिखरी हुई है। दिनभर यहां मिट्टी और धूल उड़ती रहती हैै। इससे आसपास के दुकान भी परेशान हो रहे हैं। विशेषकर ढाबा, रेस्त्रां संचालकों को परेशान होना पड़ रहा है। धूल से उनका खाना खराब हो रहा है, जिससे बचाव के लिए उन्हें जुगाड़ करने पड़ रहे हैैं।
विज्ञापन
सड़क पर कुछ समय पहले ही तारकोल किया गया है। इससे ज्यादातर गड्ढ़े खत्म हो गए हैं। हालांकि फोर्ड शोरूम के सामने, शिमला बाईपास चौक, आईएसबीटी फ्लाइओवर के नीचे सड़क पर छोटे-छोटे गड्ढ़े बने हुए है। उसका तारकोल और रोड़ी भी उखड़कर बिखरी हुई है।
विज्ञापन
- गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक 70 गड्ढे -वीआईपी सड़क माने जाने वाली गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक सबसे ज्यादा 70 गड्ढे हैं। जिससे लोगों की दिक्कत बहुत बढ़ी रहती है। यहां बरसात में समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीवर लाइन के कार्य की वजह से भी यहां सड़क खोदी गई थी। लेकिन सड़क को दुरुस्त करने के नाम पर गंभीरता से कार्य नहीं हो रहा है।
: कैंट रोड शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। इस मार्ग पर दिन रात आवागमन बना रहता है। वीआईपी भी रोज इस सड़क से आते हैं। महीने भर पहले पानी की लाइन के लिए खोदी गयी सड़क अभी तक नहीं बनी। हालत ये है कि सड़क पर तालाब जैसे गड्ढे हो गए हैं। जिसकी वजह से सड़क पर रोजाना दुर्घटना की सम्भावना रहती है। नरेंद्र कुमार अग्रवाल, व्यापारी, गढी़कैंट
: गढ़ी चौक से कैंट कार्यालय तक सड़क का बुरा हाल है। कई बार दुपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। जबकि चार पहिया वाहनों के पानी से निकलने के कारण वहां से जाने वाले लोगों के कपड़ों पर छींटे पड़ने से खराब हो जाते हैं। इतना ही नहीं दिन भर जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। योगेंद्र क्षेत्री, व्यापारी, गढ़ी कैंट
लाल पुल से द्रोण होटल तक सात जगह है दिक्कत -
लालपुल (पटेलनगर) से द्रोण होटल तक भंडारी बाग तिराहा, दर्शनी गेट रोड, आढ़त बाजार, रेलवे स्टेशन के सामने गांधी रोड, प्रिंस चौक, प्रिंस चौक व द्रोण होटल के बीच गांधी रोड पर जगह-जगह छोटे बड़े गड्ढे हैं और सड़क की हालत जर्जर है।
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल तक हैं 15 से अधिक गड्ढे-
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल तक 15 से अधिक जगह सड़क जर्जर है और छोटे बड़े गड्ढे हैं। कचहरी की तरफ जाने वाली सड़क के तिराहे, सीएमआई चौक के समीप, आराघर चौक, धर्मपुर, नेहरू कालोनी जाने वाली सड़क पर हरिद्वार रोड, एलआईसी के समीप, शेरवुड स्कूल के समीप, लाइफलाइन अस्पताल के समीप समेत 15 जगह सड़कों की हालत जर्जर और गड्ढे हैं।
लालपुल से कारगी चौक तक पानी भरे गड्ढे बने हैं परेशानी -
लालपुल पटेलनगर से कारगी चौक तक भी सड़क बहुत बुरे हाल में हैं। जगह-जगह निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। वहीं, कहीं गड्ढे हैं तो कई सड़क टूटी हुई है। इस सड़क पर करीब 10 जगह यह स्थिति है। कुछ जगह गड्ढों में सीवर का पानी भी भरा रहता है। जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
शहर में विभिन्न कार्यों की वजह सड़कें खोदी गई थी। कई जगह अब भी सड़कों की खुदाई का कार्य चल रहा है। सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। जहां सड़कों पर गड्ढे और सड़की टूटी है वहां गड्ढों को भरने और पैचवर्क का काम भी तेजी से चल रहा है। सभी संबंधित विभागों को समन्वय कर गुणवत्तापरक और तेजी से कार्य करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।- डॉ. आर. राजेश कुमार जिलाधिकारी