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लोनिवि और खाद्य विभाग के बिलों के भुगतान पर रोक लगी

Wed, 21 Dec 2016 11:20 AM IST
नलिनी गुसाईं / अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 21 Dec 2016 11:20 AM IST
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government ban Food Supplies Department bills
हरीश रावत - फोटो : Self

लोक निर्माण विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग के बिलों पर सरकार ने रोक लगा दी है। करोड़ों रुपये के बिल लगाने वाले इन विभागों को भुगतान न हो पाए, इसके लिए इनका लॉग इन ही लॉक कर दिया गया है। बजट के अभाव में परेशान अधिकारी लगातार कोषागार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

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सड़क-पुलों का निर्माण करने वाला लोक निर्माण विभाग और राशन सामग्री वाला खाद्य आपूर्ति विभाग दोनों ही को सरकार की ओर से सबसे अधिक बजट जारी किया जाता है। करोड़ों रुपये के बजट इन विभागों की ओर से लगाए जाते हैं। सबसे अधिक बजट जारी किए जाने वाले इन विभागों के लिए अब सरकार के पास पैसा नहीं है।
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तभी तो सरकार की ओर से उस प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी गई है, जिसके जरिए यह लोग अपने बिल बजट के लिए लगाया करते थे। ऐसे में परेशान अधिकारी कभी शासन तो कभी कोषागार के चक्कर काट रहे हैं।
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भुगतान पर क्यों रोक लगाई गई, इसके बारे में कोई भी कुछ ठोस बताने की स्थिति में नहीं मिला। किसी ने कहा कि सरकार ने वित्तीय संकट के चलते तो किसी ने कहा कि इन विभागों ने जरूरत से ज्यादा बजट खर्च कर दिया, इसलिए यह रोक लगाई गई है। 

ये है प्रक्रिया
हर विभाग में बिलिंग प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आहरण-वितरण अधिकारी (डीडीओ) नियुक्त रहते हैं। इन डीडीओं के पास एक कोड होता है। इस कोड को सीटीएस (कोर ट्रेजरी सिस्टम) की साइट पर लॉग इन के लिए डाला जाता है। लॉग इन के बाद सभी बिलों आदि को पहले डीडीओ ही स्वीकृति देता है।


स्वीकृति देते ही एक आईडी जनरेट हो जाती है। इसके बाद इसकी एक हार्ड कॉपी निकालकर कोषागार में दे दिया जाता है। कोषागार में यह आईडी डालते ही उस विभाग के बिल संबंधी सभी ब्योरा कोषागार के डीडीओ के सामने होता है। इसके बाद यहां से बिल पास होते हैं। फिलहाल लोनिवि और खाद्य आपूर्ति विभाग का लाग इन ही बंद है। 

हमें जैसे दिशा-निर्देश मिले, उनका पालन किया गया। फिलहाल दोनों विभागों लॉग इन नहीं कर सकते हैं। ऐसा क्यों किया गया, इसका जवाब हम नहीं दे सकते।
- एलएन पंत, अपर सचिव वित्त एवं निदेशक कोषागार

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