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वजीर को दिया मुखिया ने झटका
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 21 Dec 2015 03:01 PM IST
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मुखिया ने हाल ही में अपने एक वजीर को तगड़ा झटका दिया है। वजीर के एक महकमे में निजी सहयोग से चल रही विवादस्पद सेवा लंबे समय से पैरवी कर रहे थे। जबकि मुखिया सेवा संचालन पर आए दिन सवाल खड़े करते थे।
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अब मुखिया ने खुद संचालक कंपनी के अनुबंध की पत्रावली तलब कर ली। महकमे के बड़े बाबू तक को अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया से बाहर रखा। अनुबंध समाप्त करने की फाइल छोटे बाबू से तैयार करवा उस पर मुहर लगा दी।
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बताया जा रहा है कि जिन शर्तों के उल्लंघन पर मुखिया ने यह फैसला लिया उस पर वजीर कंपनी को क्लीन चिट दे चुके हैं। वजीर ने बड़े अधिवक्ता की राय लेकर अनुबंध को वाजिब ठहरा दिया था।
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अब मुखिया ने वजीर, बड़े बाबू और बड़े अधिवक्ता की समान राय को दरकिनार कर अनुबंध समाप्ति पर मुहर लगा दी। वजीर को सीएम ने उस मौके पर झटका दिया है, जब आने वाले छह माह में निजी सहभागिता से कई सौ करोड़ का निवेश उनके महकमे में होना है।