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अभी भी मुगालते में हैं शहजादे
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 18 Mar 2014 01:03 PM IST
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उत्तराखंड के भूतपूर्व शहजादे अधिकार जताने से नहीं चूक रहे हैं। भूतपूर्व होने के बाद उनके जलवे की हवा निकल गई है।
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वह कभी-कभी भूल जाते हैं कि उनके वालिद मोहतरम के हाथ से बादशाहत चली गई है, उस वक्त वह पार्टी के बड़े नेताओं को आदेश देने लगते हैं।
90 फीसदी चांस घटकर 20 फीसदी
कुछ दिन पहले उन्होंने महानगर अध्यक्ष अपने पिट्ठू को बनाने के लिए हुक्मनामा जारी कर दिया था। असर यह हुआ कि पिट्ठू जी के अध्यक्ष बनने का 90 फीसदी चांस घटकर 20 फीसदी पर आ गया।
इस पर कभी भाई साहब-भाई साहब कहने से कभी न थकने वाला पिट्ठू अब उन्हें गरियाता घूम रहा है।