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मां भगवती के रंगो में रंगा हरिद्वार
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 05 Oct 2013 07:45 PM IST
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हरिद्वार में पंचपुरी के अनेक सिद्ध पौराणिक मंदिरों में मां भगवती की आराधना शुरू हो गई है। पहले नवरात्र पर घर-घर मंगल कलशों की स्थापना की गई और देवी भागवत के पाठ शुरू हुए।
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नौ दिनों तक मां भगवती प्रतिमाओं की अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन गंगा में किया जाएगा। हरिद्वार के प्राचीन मायादेवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, मनसादेवी और सिद्ध पीठ सुरेश्वरी देवी के मंदिरों में भव्य पूजा-अर्चना शनिवार से शुरू हुई।
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मायादेवी मंदिर में अनुष्ठान प्रारंभ हुए
सुरेश्वरी देवी मंदिर में आचार्य करुणेश मिश्र के आचार्यत्व में शतचंडी यज्ञ प्रारंभ हुआ। मायादेवी मंदिर में जूना अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि के सानिध्य में अनुष्ठान प्रारंभ हुए।
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यह देवी हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। चंडी देवी और मनसा देवी के मंदिरों में प्रथम नवरात्र के दिन भक्तों की भीड़ उमड़ी। मां अंजनी देवी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना की।
मिट्टी या कांसे के पात्रों में जौ बोए गए
नवरात्र की घट स्थापना घर-घर हुई। मिट्टी या कांसे के पात्रों में जौ बोए गए। भगवती की प्रतिमाएं घर-घर स्थापित की गई और सैकड़ों घरों में सांझी लगाई गई।
नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद सांझी का विसर्जन गंगा में किया जाएगा। प्रत्येक दिन भगवती के स्वरूपों के अनुसार मांगलिक पूजा कराई जाएगी। देवियों के साथ-साथ शीतला माता के मंदिरों में भी पूजा अर्चना शुरू हो गई है।